लालकृष्ण आडवाणी  

लालकृष्ण आडवाणी
लालकृष्ण आडवाणी
पूरा नाम लाल किशनचंद आडवाणी
अन्य नाम एल. के. आडवाणी, लौह पुरुष
जन्म 8 नवम्बर, 1927
जन्म भूमि पाकिस्तान
अभिभावक के.डी. आडवाणी (पिता), ज्ञानी आडवाणी (माता)
पति/पत्नी कमला आडवाणी
संतान जयंत (पुत्र), प्रतिभा (पुत्री)
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि भारतीय राजनेता, पत्रकार, वकील
पार्टी भारतीय जनता पार्टी
पद पूर्व उप प्रधानमंत्री, पूर्व गृह मंत्री तथा कोयला और खान मंत्री
शिक्षा एल.एल.बी.
विद्यालय सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, कराची सिंध डी. जी नेशनल कॉलेज, सिंध गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुम्बई विश्वविद्यालय
भाषा हिंदी, अंग्रेजी
पुरस्कार-उपाधि वर्ष 1999 में उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार, पद्म विभूषण
विशेष योगदान राम यात्रा और जनादेश यात्रा
अन्य जानकारी लालकृष्ण आडवाणी ने भारतीय जनसंघ (1977), जनता पार्टी (1977-1980) में कार्य किया।
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लालकृष्ण आडवाणी (अंग्रेज़ी: Lal Krishna Advani, जन्म: 8 नवंबर, 1929, कराची (वर्तमान पाकिस्तान में)] भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेता और भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री हैं। भारतीय जनता पार्टी को भारतीय राजनीति में एक प्रमुख पार्टी बनाने में उनका योगदान सर्वोपरि कहा जा सकता है। वे कई बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्‍व वाली गठबंधन सरकार में दो बार (1998 और 1999) केंद्रीय ग्रहमंत्री नियुक्‍त हुए। आडवाणी ने पार्टी को पुनर्जीवित कर मज़बूत बनाने का प्रमुख रूप से उत्‍तरदायित्‍व निभाया। 1980 के दशक के आरंभ में भारत के राजनीतिक मानचित्र पर वस्‍तुत: अस्‍तित्‍वहीन यह पार्टी भारत की सबसे मज़बूत राजनीतिक शक्‍तियों में एक रूप में उभरी है।

जीवन परिचय

जन्म

लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवम्बर, 1927 को पाकिस्तान के कराची में हुआ था । उनके पिता श्री के. डी. आडवाणी था और माता का नाम ज्ञानी आडवाणी था। विभाजन के बाद आडवाणी भारत आ गए।

शिक्षा

लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी शुरुआती शिक्षा लाहौर में ही हुई थी पर बाद में भारत आकर उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से लॉ में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। जब लालकृष्ण आडवाणी सेंट पैट्रिक स्कूल में पढ़ रहे थे, उनके देश भक्ति विचारों ने उन्हें केवल 14 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आर.एस.एस.) से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। तभी से उन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित किया हुआ है। आज वे भारतीय राजनीति में एक बड़ा नाम हैं।

विवाह

25 फ़रवरी, 1965 को 'कमला आडवाणी' को अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। लालकृष्ण आडवाणी के परिवार की तरह ही कमलाजी का परिवार भी देश के विभाजन के बाद कराची से विस्थापित होकर आया था। कमला जी को भी आम नागरिक की तरह कठिन जीवन जीना पड़ा। उन्होंने लगभग 17 वर्षों तक दिल्ली तथा मुम्बई के जनरल पोस्ट ऑफिस में कार्य किया।

संतान

लालकृष्ण आडवाणी के दो बच्चे हैं एक पुत्र जयंत है और एक पुत्री प्रतिभा दोनों अपना प्रोफेशनल जीवन जी रहे हैं। जयंत दिल्ली में अपना एक छोटा सा कारोबार चलाते हैं। वे क्रिकेट के बहुत ही शौकीन हैं। प्रतिभा एक प्रसिद्ध टी.वी. व्यक्तित्व हैं। कई चैनलों पर प्रसारित किये जाने वाले कार्यक्रमों की एंकरिंग तथा प्रस्तुति करती हैं। उन्होंने टी.वी. चैनलों के लिए हिन्दी सिनेमा पर आधारित कथ्यपरक कार्यक्रम तैयार करने में विशेषता हासिल की है। इन कार्यक्रमों में राम, कृष्ण, शिव, गणेश और हनुमान तथा हिन्दी सिनेमा में होली, दीपावली और राखी के त्यौहारों को प्रमुख स्थान दिया है। प्रतिभा ने हिन्दी सिनेमा में 'वन्दे मातरम्' पर एक फ़िल्म भी बनाई है। इन कार्यक्रमों में सांस्कृतिक तथा देशभक्तिपूर्ण मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए इनकी व्यापक रूप से सराहना की है। श्री आडवाणी जी की स्वर्णजंयती रथ यात्रा (1997) तथा भारत सुरक्षा यात्रा (2006) पर बनी फ़िल्में भी प्रतिभा के कार्यों में शामिल हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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