सुषमा स्वराज  

सुषमा स्वराज
सुषमा स्वराज
पूरा नाम सुषमा स्वराज
जन्म 14 फ़रवरी, 1952
जन्म भूमि अंबाला छावनी, हरियाणा
मृत्यु 6 अगस्त 2019
मृत्यु स्थान दिल्ली
मृत्यु कारण हृदय गति रूक जाने से
अभिभावक श्री हरदेव शर्मा
पति/पत्नी स्वराज कौशल
संतान एक पुत्री
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि भाजपा की शीर्ष महिला नेत्री
पार्टी 'भारतीय जनता पार्टी'
पद पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री
कार्य काल मुख्यमंत्री- 13 अक्तूबर 1998 से 3 दिसम्बर 1998 तक; विपक्ष की नेता- 21 दिसंबर 2009 से 26 मई 2014 तक; विदेश मंत्री- 26 मई, 2014 से 24 मई 2019 तक
शिक्षा कला स्नातक और विधि स्नातक
विद्यालय केरल विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय
भाषा हिन्दी, अंग्रेज़ी
पुरस्कार-उपाधि 'उत्कृष्ट सांसद सम्मान' (2004)
अन्य जानकारी सुषमा स्वराज केन्द्रीय विदेश मंत्री और देश की राजधानी दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री रहीं।
अद्यतन‎

सुषमा स्वराज (अंग्रेज़ी: Sushma Swaraj, जन्म- 14 फ़रवरी, 1952 - मृत्यु- 6 अगस्त, 2019) भारत सरकार की केंद्रीय केबिनेट में शामिल विदेश मंत्री थीं। भारत की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में से एक 'भारतीय जनता पार्टी' (भाजपा) की शीर्ष महिला नेत्रियों में गिनी जाती हैं। सुषमा स्वराज ग्यारहवीं, बारहवीं और पंद्रहवीं लोक सभा की सदस्य चुनी गयी थीं। उन्हें सन 2009 में लोकसभा चुनावों के लिये भाजपा की 19 सदस्यीय "चुनाव प्रचार समिति" का अध्यक्ष भी बनाया गया था। सुषमा स्वराज केन्द्रीय मंत्री और देश की राजधानी दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री रही हैं। 26 मई 2014 से 24 मई 2019 तक भारत की विदेश मंत्री रहीं।

जन्म तथा शिक्षा

14 फ़रवरी, 1952 को हरियाणा की अंबाला छावनी में सुषमा का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम श्री हरदेव शर्मा था। सुषमा ने अपनी शिक्षा के अंतर्गत कला स्नातक और विधि स्नातक की डिग्रियाँ प्राप्त कीं। वे सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी करती हैं। 13 जुलाई, 1975 को उनका विवाह स्वराज कौशल के साथ सम्पन्न हुआ, जो छ: साल तक राज्य सभा में सांसद रहे और साथ ही मिजोरम में राज्यपाल भी रहे। स्वराज कौशल अभी तक के सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करने वाले व्यक्ति हैं। सुषमा और उनके पति की उपलब्धियों का यह स्वर्णिम रिकॉर्ड 'लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में दर्ज हो चुका है। सुषमा स्वराज एक बेटी की माँ भी है, जो वकालत कर रही है।

राजनीति में प्रवेश

सत्तर के दशक में छात्र राजनीति से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाली सुषमा, हरियाणा विधानसभा की विधायक रहीं और जनता पार्टी की विधायक के तौर पर उन्हें चौधरी देवीलाल की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वे लगातार तीन वर्षों तक हरियाणा विधानसभा की सर्वश्रेष्ठ वक्ता भी रहीं। वर्ष 1990 में वे राज्य सभा और 1996 में 11वीं लोक सभा के लिए दक्षिण दिल्ली से चुनी गईं। 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की तेरह दिनों तक चली सरकार में उन्हें 'सूचना और प्रसारण मंत्री' बनाया गया था। 12वीं लोक सभा में भी वे चुनकर आईं और फिर 'सूचना प्रसारण मंत्री' बनीं। बाद में वे कुछ समय के लिए दिल्ली की पहली महिला मुख्‍यमंत्री भी रहीं। भाजपा के विधानसभा चुनाव हारने के बाद वे फिर से केन्द्रीय राजनीति में लौटीं। वर्ष 1999 के लोक सभा चुनावों में उन्होंने कर्नाटक के बेल्लारी संसदीय चुनाव क्षेत्र से कांग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा था। हालाँकि वे चुनाव हार गईं, लेकिन उन्होंने सोनिया गाँधी को कड़ी टक्कर दी। वर्ष 2000 में वे उत्तराखंड से राज्य सभा के लिए चुनी गईं और राज्य सभा में रहते हुए सूचना प्रसारण, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा संसदीय कार्यमंत्री के पद पर रहीं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ाव

पंजाब विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान सुषमा 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' का हिस्सा बन गई थीं। अरुण जेटली जब 1974 में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ का चुनाव लड़ रहे थे, तब वह दिल्ली चुनाव प्रचार से सम्बन्धित कार्य हेतु आई थीं। 80 के दशक में वह भाजपा से जुड़ीं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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