वज्रयोगिनी  

वज्रयोगिनी
Vajrayogini

वज्रयोगिनी बौद्धों की देवी हैं, जिन्हें 'वज्रेश्वरी' अथवा 'वज्रबाई' भी कहा गया है। इनकी पूजा नेपाल में की जाती है। 'कोटेश्वरी', 'भुवनेश्वरी', 'वत्सलेश्वरी' और 'गुह्येश्वरी' आदि प्राचीन देवियों के साथ इनका नाम है। इनका बिगड़ा हुआ रूप 'ब्रजेश्वरी' हो गया था।[1]

साकार नारी स्वरूप

वज्रयोगिनी (तांत्रिक बौद्धमत) बोधत्त्व तक पहुँचाने वाली संज्ञानात्मक प्रक्रिया का साकार नारी स्वरूप है। वज्रयान अनुमान की अपेक्षा अनुभूति पर अधिक बल देता है, परंतु यह अनुमानिक दार्शनिक बौद्ध शब्दावली का कल्पनाशील प्रयोग करता है। व्रजयोगिनी को 'डाकिनी' भी कहा गया है। इस पद्धति का अर्थ है कि किसी व्यक्ति के सामान्य जीवन से ली गई छवियाँ मानव अस्तित्त्व को गहराई से समझने का माध्यम बन जाती हैं, जिसमें ‘उपाय और प्रज्ञा’ एक-दूसरे को बल देती हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 वज्रेश्वरी (हिन्दी) हिन्दी विश्वकोश। अभिगमन तिथि: 17 जून, 2015।

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