योगाचार दर्शन  

परिभाषा

  • जो 'बाह्यार्थ सर्वथा असत हैं और एकमात्र विज्ञान ही सत है'- ऐसा मानते हैं, वे विज्ञानवादी कहलाते हैं।
  • ये दो प्रकार के होते हैं, यथा
  1. आगमानुयायी और
  2. युक्ति-अनुयायी।
  • आर्य असङ्ग, वसुबन्धु आदि आगमानुयायी तथा आचार्य दिङ्नाग, धर्मकीर्ति आदि युक्ति-विज्ञानवादी हैं।
  • विज्ञानवादियों का एक भिन्न प्रकार से भी द्विविध विभाजन किया जाता है, यथा-
  1. सत्याकार विज्ञानवादी एवं
  2. मिथ्याकार विज्ञानवादी।
  • भोटदेशीय विद्वानों के मतानुसार आगमानुयायी और युक्ति-अनुयायी दोनों प्रकार के विज्ञानवादियों में सत्याकारवादी और मिथ्याकारवादी होते हैं।

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