पुरातत्व संग्रहालय, साँची  

पुरातत्व संग्रहालय, साँची
पुरातत्व संग्रहालय, साँची
विवरण यहाँ उत्खनन से प्राप्त प्राचीन पुरातात्त्विक धरोहर को सहेज कर रखा गया है ताकि आने वाली पीढी उससे परिचित हो सके।
राज्य मध्य प्रदेश
नगर साँची
स्थापना सन् 1919 में सर जॉन मार्शल द्वारा
Map-icon.gif गूगल मानचित्र
खुले रहने का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
अवकाश शुक्रवार
अन्य जानकारी अधिकतर वस्‍तुएं सांची से प्राप्‍त की गई हैं और कुछ इसके पड़ोसी क्षेत्रों अर्थात् गुलगांव, विदिशा, मुरेलखुर्द और ग्‍यारसपुर से प्राप्‍त की गई हैं। वर्तमान में दीर्घा संख्‍या 1 से 4 तक चार दीर्घाएं हैं और एक बरामदा है जिसमें नौ वस्‍तुएं प्रदर्शित हैं।
अद्यतन‎

पुरातत्व संग्रहालय, साँची भारत के राज्य मध्य प्रदेश के साँची में पहाड़ी के नीचे स्थित है। यहाँ उत्खनन से प्राप्त प्राचीन पुरातात्त्विक धरोहर को सहेज कर रखा गया है ताकि आने वाली पीढ़ी उससे परिचित हो सके। जहाँ से पर्यटक प्रवेश टिकिट ख़रीदते हैं, वहीं से संग्रहालय देखने का प्रवेश द्वार है। संग्रहालय प्रत्येक शुक्रवार को बंद रहता है। संग्रहालय विभिन्न वीथिकाओं में विभक्त है।

स्थापना

सांची में उत्खनन के दौरान खोजी गई वस्‍तुओं को रखने के उद्देश्‍य से 1919 में ए.एस.आई. के पूर्व महानिदेशक सर जॉन मार्शल द्वारा पहाड़ी की चोटी पर एक छोटा संग्रहालय स्‍थापित किया गया। बाद में, स्‍थान की अपर्याप्‍तता के कारण तथा साथ ही संग्रहालय की वस्‍तुओं को सुंदरता के साथ प्रदर्शित करने के उद्देश्‍य से भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण ने सांची स्‍तूप के नीचे की पहाड़ी पर एक कॉलेज की इमारत को अर्जित किया और वर्ष 1966 में नई इमारत में प्रदर्शित वस्‍तुओं को स्‍थानांतरित करवा दिया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पुरातत्‍वीय संग्रहालय, सांची (मध्‍य प्रदेश) (हिन्दी) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण। अभिगमन तिथि: 19 फ़रवरी, 2015।

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