महेश्वर  

महेश्वर
अहिल्या घाट, महेश्वर
विवरण 'महेश्वर' मध्य प्रदेश राज्य में स्थित एक ऐतिहासिक नगर तथा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह नगर अपनी महेश्वरी साड़ियों के लिए पुराने समय से ही प्रसिद्ध रहा है।
राज्य मध्य प्रदेश
ज़िला खरगौन
भौगोलिक स्थिति इंदौर से 91 किलोमीटर की दूरी पर स्थित।
प्रसिद्धि मंदिर, ऐतिहासिक इमारतें तथा महेश्वरी साड़ियाँ
कब जाएँ जुलाई से मार्च
हवाई अड्डा इंदौर
रेलवे स्टेशन बड़वाह
बस अड्डा बड़वाह
क्या देखें 'महेश्वर क़िला', 'कालेश्वर मंदिर', 'राजराजेश्वर मंदिर', 'विट्ठलेश्वर मंदिर', 'अहिल्येश्वर मंदिर', 'वांचू पॉइन्ट' तथा घाट आदि।
कहाँ ठहरें गेस्ट हाउस, रेस्ट हाउस तथा धर्मशालाएं
एस.टी.डी. कोड 07283
वाहन पंजीकरण संख्या MP-10
विशेष देवी अहिल्याबाई ने हैदराबाद से बुनकरों को आमंत्रित करके महेश्वर में बसाया था। यहाँ की महेश्वरी साड़ियाँ अपनी सुंदरता और आकर्षित कर लेने वाले शिल्प से दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।
अन्य जानकारी महेश्वर क़िले के अंदर अहिल्याबाई का पूजा स्थल है, जहाँ पर अनेकों धातु के तथा पत्थर के अलग-अलग आकार के शिवलिंग, कई सारे देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और एक सोने का बड़ा-सा झूला है, जो यहाँ का मुख्य आकर्षण है।

महेश्वर मध्य प्रदेश के खरगौन ज़िले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर तथा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह नर्मदा नदी के किनारे पर बसा है। प्राचीन समय में यह शहर होल्कर राज्य की राजधानी था। महेश्वर धार्मिक महत्त्व का शहर है तथा वर्ष भर लोग यहाँ घूमने आते रहते हैं। यह शहर अपनी 'महेश्वरी साड़ियों' के लिए भी विशेष रूप से प्रसिद्ध रहा है। महेश्वर को 'महिष्मति' नाम से भी जाना जाता है। महेश्वर का हिन्दू धार्मिक ग्रंथों 'रामायण' तथा 'महाभारत' में भी उल्लेख मिलता है। देवी अहिल्याबाई होल्कर के कालखंड में बनाये गए यहाँ के घाट बहुत सुन्दर हैं और इनका प्रतिबिम्ब नर्मदा नदी के जल में बहुत ख़ूबसूरत दिखाई देता है। महेश्वर इंदौर से सबसे नजदीक है।

स्थिति तथा नामकरण

महेश्वर शहर मध्य प्रदेश के खरगौन ज़िले में स्थित है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 3 (आगरा-मुंबई राजमार्ग) से पूर्व में 13 किलोमीटर अन्दर की ओर बसा हुआ है तथा मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर से 91 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह नगर नर्मदा नदी के उत्तरी तट पर स्थित है। शहर आज़ादी से पहले होल्कर वंश के मराठा शासकों के इंदौर राज्य की राजधानी था। इस शहर का नाम 'महेश्वर' भगवान शिव के ही एक अन्य नाम 'महेश' के आधार पर पड़ा है। अतः महेश्वर का शाब्दिक अर्थ है- "भगवान शिव का घर"।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 महेश्वर-एक दिन देवी अहिल्या के नगरी में:भाग-1 (हिन्दी) घुमक्कड़। अभिगमन तिथि: 31 अगस्त, 2014।
  2. पाली 'माहिस्सती'
  3. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 742 |
  4. महाभारत, सभापर्व 32,21
  5. रघुवंश 6,43
  6. पुस्तक- भारत ज्ञानकोश खंड-4| एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका (इंडिया) |पृष्ठ-336
  7. 7.0 7.1 महेश्वर-नर्मदा का हर कंकर है शंकर, नमामि देवी नर्मदे, भाग-2 (हिन्दी) घुमक्कड़। अभिगमन तिथि: 31 अगस्त, 2014।
  8. 8.0 8.1 8.2 महेश्वर किला-पत्थर की दीवारों में कैद यादें, भाग-3 (हिन्दी) घुमक्कड़। अभिगमन तिथि: 31 अगस्त, 2014।
  9. महेश्वरी साड़ी के हस्तशिल्प के निर्माण तथा विपणन के लिए जिम्मेदार संस्था
  10. महेश्वर शहर (हिन्दी) ज़िले की आधिकारिक वेबसाइट। अभिगमन तिथि: 20 नवम्बर, 2012।

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