भेड़ाघाट  

भेड़ाघाट
धुआंधार झरना, भेड़ाघाट, जबलपुर
विवरण मध्य प्रदेश के जबलपुर से 22 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के तट पर अवस्थित है।
राज्य मध्य प्रदेश
ज़िला जबलपुर
Map-icon.gif गूगल मानचित्र
संबंधित लेख त्रिपुरी, चालुक्य, महात्मा गाँधी
अन्य जानकारी भेड़ाघाट का एक और प्रमुख आकर्षण संगमरमरी कगारों के पीछे शंकु आकार की एक पहाड़ी के शिखर पर बना चौंसठ योगिनी मन्दिर है।
अद्यतन‎ 06:04, 24 अगस्त 2017 (IST)

भेड़ाघाट, मध्य प्रदेश के जबलपुर से 22 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के तट पर अवस्थित है। यहाँ से रानी अल्हण देवी का 907 चेदि संवत में लिखित एक शिलालेख उपलब्ध हुआ है। अल्हण देवी के भेड़ाघाट अभिलेख से हमें ज्ञात होता है कि गांगेयदेव के पुत्र एवं उत्तराधिकारी चालुक्य नरेश कर्ण ने बंग या पूर्वी बंगाल के राजा पर विजय प्राप्त की थी।

मार्बल सिटी

यहाँ नर्मदा का प्रवाह ऊँची-ऊँची पहाड़ियों से घिर कर झील के रुप में परिणत हो गया है। नदी की ऊपरी धारा के सिरे पर 'धुआंधार' नामक प्रसिद्ध जल प्रपात है और आगे नर्मदा दोनों और लगभग सौ फुट ऊँची संगमरमर की परतदार चट्टानों के कगारों के बीच बहती है। मार्बल-रॉक्स के लगभग दो किलोमीटर लम्बे सिलसिले में चट्टानों में आकार की अनूठी विविधा और विभिन्न मनोहारी रंगों की कोमल छटा है। इन कगारों की कमनीय स्निग्धता मुग्धकारी है। यहाँ चारों ओर व्याप्त निस्तब्धता में लगता है कि काल की गति थम गई। यहाँ नौकायन करने के बाद महात्मा गाँधी ने कहा था
जितनी शांति यहाँ है, वैसी अगर दुनिया में हो जाएँ तो क्या कहना।
मंत्रमुग्ध करने वाले इस स्वप्न लोक के कारण जबलपुर नगर को 'मार्बल सिटी' कहा जाता है।
संगमरमर की चट्टानें, भेड़ाघाट, जबलपुर

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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