धूतपाप  

धूतपाप अथवा 'धोपाप' सुल्तानपुर ज़िला, वाराणसी, उत्तर प्रदेश में स्थित है। यह एक प्राचीन हिन्दू तीर्थ स्थान है, जो धूतपापा नदी (गोमती की उपनदी) के तट पर स्थित है। कभी यहाँ 'कुशभावन' या सुल्तानपुर के भार नरेशों का राज्य हुआ करता था। इस स्थान का संबंध श्रीरामचंद्र के रावण वध का प्रायश्चित करने से जोड़ा जाता है। यहाँ का क़िला शेरगढ़ नदी के तट पर बना हुआ है।

कथा

त्रेता युग में श्रीराम लंका के राजा रावण का वध करके जब अवध नगरी लौट रहे थे तो उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर के 'धोपाप' स्थान पर स्नान करके उन्होंने स्वयं को बह्महत्या के पाप से मुक्त किया था। मान्यताओं के अनुसार इस बात की प्रमाणिकता उस समय सबसे पहले एक कौवे को स्नान कराकर सिद्ध की गई थी, जिसमें काला कौआ स्नान के बाद सफ़ेद हो गया था। गंगा दशहरा पर्व पर स्नान के लिए लाखों लोग दूर-दराज से यहाँ स्नान करने आते हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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