गंगा मंदिर  

  • गणमुक्तिश्वर महादेव का मंदिर के सामने लगभग आधा किलोमीटर दूर एवं ऊंचे टीले पर प्राचीन ऐतिहासिक गंगा मंदिर है।
  • इसमें भगवती गंगा जी की भव्याकर्षक आदमकद प्रतिमा है और एक अमूल्य एवं अद्भुत शिवलिंग है।
  • शिवलिंग में हर वर्ष एक गांठ फूटती है, जो शिव की अलग-अलग आकृति का रूप ले लेती है।
  • सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी एक प्रतिमा पुष्कर तीर्थ में 'ब्रह्मा जी के मंदिर' में है और दूसरी प्रतिमा इस गंगा मंदिर में है।
  • कहते हैं कि यह मंदिर हज़ारों वर्ष पुराना है।
  • सन 1900 तक गंगा इस मंदिर का स्पर्श करती हुई बहती थी।
  • गंगा मंदिर के दायें-बायें ऊंची ढाय (गंगा का किनारा) आज भी मौजूद है।
  • गंगा की धारा से स्नानार्थियों को मंदिर तक पहुंचने के लिए 101 सीढ़ियां बनाई गई थीं, जिनमें से 17 सीढ़ियां मिट्टी में दब चुकी है, अब केवल 84 सीढ़ियां ही शेष हैं।
  • जहां कभी इन सीढ़ियों से गंगा की पावन धारा टकराती हुई बहती थी, वहां आज पक्की सड़क है।
  • अब गंगा इस मंदिर से लगभग 6 किलोमीटर दूर बहती हैं।
  • गंगा मंदिर से कुछ ही दूरी पर शिवाजी के क़िले के खण्डहर हैं।
  • यह किला मराठा शासन की चौकी के रूप में था।


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