शुक्रताल, मुज़फ़्फ़रनगर  

शिव मंदिर, मुज़फ़्फ़रनगर

शुक्रताल (अंग्रेज़ी:Shukratal) प्राचीन पवित्र तीर्थस्थल है जो मुज़फ़्फ़रनगर के समीप स्थित है। यहाँ संस्कृत महाविद्यालय है। यह स्थान हिन्दुओं का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। गंगा नदी के तट पर स्थित शुक्रताल ज़िला मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

पौराणिक मान्यता

कहा जाता है कि शुक्रताल पर अभिमन्यु के पुत्र और अर्जुन के पौत्र राजा परीक्षित के पश्चात् केवल महर्षि सुखदेव जी ने भागवत गीता का वर्णन किया था। इसके समीप स्थित वट वृक्ष के नीचे एक मंदिर का निर्माण किया गया था। इस वृक्ष के नीचे बैठकर ही सुखदेव जी भागवत गीता के बारे में बताया करते थे।

सुखदेव मंदिर

सुखदेव जी मंदिर, मुज़फ़्फ़रनगर

सुखदेव मंदिर के भीतर एक यज्ञशाला भी है। राजा परीक्षि‍त महाराजा सुखदेव जी से भागवत गीता सुना करते थे। इसके अतिरिक्त यहाँ पर पर भगवान गणेश की 35 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्‍थापित है। इसके साथ ही इस जगह पर अक्षय वट और भगवान हनुमान जी की 72 फीट ऊंची प्रतिमा बनी हुई है। प्रत्येक वर्ष इस स्थान पर कई भक्त आते हैं और इस अमर, बरगद के पेड़ (अक्षय वट वृक्ष) की परिक्रमा करना नहीं भूलते।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भागवत : 12.1-12.2
  2. शुक्रताल का रहस्य (हिन्दी) (html) aum shanti aum। अभिगमन तिथि: 7 मई, 2016।

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