संकिसा  

संकिसा
बुद्ध धर्म स्तम्भ, संकिसा
विवरण बौद्ध अनुश्रुति के अनुसार 'संकिसा' वही स्थान है, जहाँ बुद्ध, इन्द्र एवं ब्रह्मा सहित स्वर्ण अथवा रत्न की सीढ़ियों से त्रयस्तृन्सा स्वर्ग से पृथ्वी पर आये थे।
राज्य उत्तर प्रदेश
ज़िला एटा ज़िला
प्रसिद्धि सातवीं शताब्दी में युवानच्वांग ने विशाल 'सिंह स्तम्भ' देखा था जो 70 फुट ऊँचाई का था और जिसे सम्राट अशोक ने बनवाया था।
अन्य जानकारी कनिंघम ने अपनी कृति 'द एनशॅंट जिऑग्राफी ऑफ़ इण्डिया' में संकिसा का विस्तार से वर्णन किया है। संकिसा का उल्लेख महाभारत में किया गया है।

संकिसा उत्तर प्रदेश के फ़र्रुख़ाबाद के निकट स्थित आधुनिक संकिस ग्राम से समीकृत किया जाता है हांलंकि भौगोलिक रूप से यह जनपद एटा में आता है। कनिंघम ने अपनी कृति 'द एनशॅंट जिऑग्राफी ऑफ़ इण्डिया' में संकिसा का विस्तार से वर्णन किया है। संकिसा का उल्लेख महाभारत में किया गया है।

इतिहास

उस समय यह नगर पांचाल की राजधानी कांपिल्य से अधिक दूर नहीं था। महाजनपद युग में संकिसा पांचाल जनपद का प्रसिद्ध नगर था। बौद्ध अनुश्रुति के अनुसार यह वही स्थान है, जहाँ बुद्ध, इन्द्र एवं ब्रह्मा सहित स्वर्ण अथवा रत्न की सीढ़ियों से त्रयस्तृन्सा स्वर्ग से पृथ्वी पर आये थे। इस प्रकार गौतम बुद्ध के समय में भी यह एक ख्याति प्राप्त नगर था।

सांकाश्य

प्राचीन भारत में पंचाल जनपद का प्रसिद्ध नगर जिसका सर्वप्रथम उल्लेख संभवत: वाल्मीकि रामायण [1] में है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. वाल्मीकि आदि. 71, 16-19

ऐतिहासिक स्थानावली | विजयेन्द्र कुमार माथुर | वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग | मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार

बाहरी कड़ियाँ

बौद्ध काल के बीस प्रमुख नगरों में से ऐक संखिसा

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