राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस  

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस
वायु प्रदूषण
विवरण 'राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस' 2 दिसम्बर को मनाया जाता है। 'भोपाल गैस त्रासदी' में अपनी जान गँवा देने वाले लोगों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
देश भारत
तिथि 2 दिसम्बर
मनाने का कारण हर साल राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने के प्रमुख कारकों में से एक औद्योगिक आपदा के प्रबंधन और नियंत्रण के साथ ही पानी, हवा और मिट्टी के प्रदूषण की रोकथाम है।
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अन्य जानकारी सभी अच्छे और खराब कार्यों के नियमों और कानूनों की राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जाँच की जाती है, जो भारत में प्रदूषण की रोकथाम के लिए सरकारी निकाय है।

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस (अंग्रेज़ी: National Pollution Control Day) प्रत्येक वर्ष भारत में '2 दिसम्बर' को मनाया जाता है। यह दिवस उन लोगों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने 'भोपाल गैस त्रासदी' में अपनी जान गँवा दी थी। उन मृतकों को सम्मान देने और याद करने के लिये भारत में हर वर्ष इस दिवस को मनाया जाता है। भोपाल गैस त्रासदी वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात में शहर में स्थित यूनियन कार्बाइड के रासायनिक संयंत्र से जहरीला रसायन, जिसे मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) के रूप में जाना जाता है, के साथ-साथ अन्य रसायनों के रिसाव के कारण हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 5,00,000 से अधिक लोगों की[1] एमआईसी की जहरीली गैस के रिसाव के कारण मृत्यु हो गयी। बाद में, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ये घोषित किया गया कि गैस त्रासदी से संबंधित लगभग 3,787 लोगों की मृत्यु हुई थी। अगले 72 घंटों में लगभग 8,000-10,000 के आसपास लोगों की मौत हुई, वहीं बाद में गैस त्रासदी से संबंधित बीमारियों के कारण लगभग 25000 लोगों की मौत हो गयी। ये पूरे विश्व में इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक प्रदूषण आपदा के रूप में जाना गया।

गैस त्रासदी के कारक

  1. कई छोटे ड्रमों में भंडारण के स्थान पर बड़े टैंक में मिथाइल आइसोसाइनेट का भंडारण।
  2. कम लोगों की जगह में अधिक खतरनाक रसायनों का प्रयोग।
  3. संयंत्र द्वारा 1980 के दशक में उत्पादन के रोके जाने के बाद गैस का खराब संरक्षण।
  4. पाइपलाइनों में खराब सामग्री की उपस्थिति।
  5. विभिन्न सुरक्षा प्रणालियों के द्वारा सही से काम न करना।
  6. ऑपरेशन के लिए संयंत्रों के स्थान पर हाथ से काम करने पर निर्भरता, विशेषज्ञ ऑपरेटरों की कमी के साथ ही आपदा प्रबंधन की योजना की कमी।[2]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. जो 2259 के आसपास तुरंत मर गये।
  2. 2.0 2.1 2.2 राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस (हिंदी) hindikiduniya.com। अभिगमन तिथि: 16 नवम्बर, 2016।
  3. औद्योगिक प्रक्रियाओं या मैनुअल लापरवाही के कारण उत्पन्न।

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