अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस  

अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस
अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस
विवरण 'अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस' 30 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी।
तिथि 30 जून
शुरुआत 2017
उद्देश्य लोगों को क्षुद्रग्रह को लेकर जागरूकता बढ़ाना तथा उसके खतरों से अवगत कराना।
अन्य जानकारी दरअसल 30 जून, 1908 को रूस की तुंगुस्का नदी के पास बहुत बड़ा विस्फोट हुआ था, जिसे क्षुद्रग्रह के चलते धरती पर हुआ अब तक का सबसे बड़ा नुकसान बताया जाता है।
अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस (अंग्रेज़ी: International Asteroid Day) प्रत्येक वर्ष 30 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने क्षुद्रग्रह (एस्टॉरायड) के खतरे को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए 30 जून, 2017 से 'अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस' मनाने की घोषणा की थी। दरअसल 30 जून, 1908 को रूस की तुंगुस्का नदी के पास बहुत बड़ा विस्फोट हुआ था, जिसे क्षुद्रग्रह के चलते धरती पर हुआ अब तक का सबसे बड़ा नुकसान बताया जाता है। इसी कारण क्षुद्रग्रह के खतरे को लेकर जागरूक करने के लिए 30 जून को क्षुद्रग्रह दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

महत्त्व

लोगों के बीच क्षुद्रग्रह को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इससे होने वाले खतरे को लेकर युवा पीढ़ी को बचाने और उन्हें इससे होने वाली भयानक घटना को विस्तार से समझाने के लिए क्षुद्रग्रह दिवस को प्रत्येक साल मनाया जाता है। यह जानकर हैरानी होगी, लेकिन कई क्षुद्रग्रहों का आकार इतना बड़ा होता है कि वे पूरी पृथ्वी को भी नष्ट कर सकते हैं। एक क्षुद्रग्रह कंकड़ के दाने से लेकर 600 मील की चौड़ाई तक का हो सकता है। क्षुद्रग्रह बड़े पैमाने पर सैकड़ों किलोमीटर विस्तृत क्षेत्र में सूर्य की परिक्रमा करते हैं। क्षुद्रग्रह के टूटकर पृथ्वी पर गिरने से बड़ा नुकसान हो सकता है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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