अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस  

अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस
अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस
विवरण 'अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस' का इतिहास 1988 की अवधि से आता है। इसे आधिकारिक तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा स्थापित किया गया था।
तिथि 21 अगस्त
शुरुआत 1 अक्तूबर, 1991
उद्देश्य दुनिया भर में बुजुर्गों की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ उनके योगदान की समस्याओं को प्रतिबिंबित करने के लिए मनाया जाता है।
विशेष वृद्ध समाज इतना कुंठित एवं उपेक्षित क्यों है, एक अहम प्रश्न है। अपने को समाज में एक तरह से निष्प्रयोज्य समझे जाने के कारण वह सर्वाधिक दुःखी रहता है। वृद्ध समाज को इस दुःख और संत्रास से छुटकारा दिलाने के लिये ठोस प्रयास किये जाने की बहुत आवश्यकता है।
अन्य जानकारी अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाना तभी सार्थक होगा जब हम अपने वृद्धों को परिवार में सम्मानजनक जीवन देंगे, उनके शुभ एवं मंगल की कामना करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस (अंग्रेज़ी: World Senior Citizen's Day) हर साल 21 अगस्त को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 14 दिसंबर, 1990 में इस दिवस को मनाने की घोषणा की गई थी। पहली बार 1 अक्तूबर, 1991 को अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया गया था। संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने 19 अगस्त, 1988 को प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए और 21 अगस्त, 1988 को संयुक्त राज्य में पहली बार अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया गया। यह दिन दुनिया भर में बुजुर्गों की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ उनके योगदान की समस्याओं को प्रतिबिंबित करने के लिए मनाया जाता है।

मुख्य उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस का आधिकारिक तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा श्रीगणेश किया गया था। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य संसार के बुजुर्ग लोगों को सम्मान देने के अलावा उनकी वर्तमान समस्याओं के बारे में जनमानस में जागरूकता बढ़ाना है। प्रश्न है कि दुनिया में वृद्ध दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों हुई? क्यों वृद्धों की उपेक्षा एवं प्रताड़ना की स्थितियां बनी हुई हैं? चिन्तन का महत्वपूर्ण पक्ष है कि वृद्धों की उपेक्षा के इस गलत प्रवाह को रोकें। क्योंकि सोच के गलत प्रवाह ने न केवल वृद्धों का जीवन दुश्वार कर दिया है बल्कि आदमी-आदमी के बीच के भावात्मक फासलों को भी बढ़ा दिया है। वृद्ध अपने ही घर की दहलीज पर सहमा-सहमा खड़ा है, उसकी आंखों में भविष्य को लेकर भय है, असुरक्षा और दहशत है, दिल में अन्तहीन दर्द है। इन त्रासद एवं डरावनी स्थितियों से वृद्धों को मुक्ति दिलानी होगी। सुधार की संभावना हर समय है। हम पारिवारिक जीवन में वृद्धों को सम्मान दें, इसके लिये सही दिशा में चले, सही सोचें, सही करें। इसके लिये आज विचारक्रांति ही नहीं, बल्कि व्यक्तिक्रांति की जरूरत है। विश्व में इस दिवस को मनाने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, परन्तु सभी का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि वे अपने बुजुर्गों के योगदान को न भूलें और उनको अकेलेपन की कमी को महसूस न होने दें।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाना तभी सार्थक होगा जब उन्हें सम्मान और सुरक्षा दें (हिन्दी) prabhasakshi.com। अभिगमन तिथि: 23 अगस्त, 2020।

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