कात्यायनी पीठ वृन्दावन  

कात्यायनी पीठ वृन्दावन
कात्यायनी पीठ, वृन्दावन
वर्णन वृन्दावन स्थित श्री कात्यायनी पीठ भारतवर्ष के अज्ञात 108 एवं ज्ञात 51 पीठों में से एक अत्यन्त प्राचीन सिद्धपीठ है।
स्थान मथुरा, उत्तर प्रदेश
देवी-देवता कात्यायनी देवी
संबंधित लेख आद्या कात्यायिनी मंदिर, शक्तिपीठ
पौराणिक मान्यता भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा भूमि श्रीधाम वृन्दावन में भगवती देवी के केश गिरे थे, इसका प्रमाण प्राय: सभी शास्त्रों में मिलता ही है।
अन्य जानकारी स्वामी श्री केशवाननद जी महाराज के परम भक्त श्री विशम्भर दयाल जी और उनकी पत्नी श्री रामप्यारी देवी जी जो प्रतिदिन महाराज जी के दर्शन करने आया करते थे।
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कात्यायनी पीठ, वृन्दावन उत्तर प्रदेश के मथुरा नगर में स्थित है। भारतीय संस्कृति जहाँ जो कुछ उत्तम एवं शुभ है उसका संग्रह करने वाली है। 'सर्वेषाम् विरोधेन ब्रह्मकर्म समार-भे' को वाणी प्रदान करने वाली है। संकुचित भावना से दूर त्याग, संयम, वैराग्य, सेवा, प्रेम, ज्ञान आदि से सुरभित वातावरण में पली भारतीय संस्कृति समस्त संस्कृतियों का श्रृंगार है। भारत की सांस्कृतिक चेतना मानवता के मंदिर की अखंड ज्योति सी निरंतर प्रज्वलित रही। जब भी यह ज्योति मंद पड़ी एक नवीन ज्योति ने अपना शुभ स्नेह दान कर उसमें प्राण फूंके। कितने वात्याचक्र आये और चले गये, किन्तु विश्व को शान्ति और सदभाव का संदेश देती हुई वह मंगल ज्योति निरन्तर जलती आ रही है। इसी शृंखला के अंतर्गत भगवती कात्यायनी द्वारा नियुक्त महान् योगिराज श्री श्यामाचरण लाहिड़ी जी महाराज के परम सुयोग्य शिष्य योगी जी 1008 श्रीयुत स्वामी केशवानन्द ब्रह्मचारी जी महाराज ने अपनी कठोर साधना द्वारा भगवती के प्रत्यक्ष आदेशानुसार इस लुप्त स्थान श्री कात्यायनी पीठ राधा बाग, वृन्दावन नामक पावनतम पवित्र स्थान का उद्धार किया।

वृन्दावन में कात्यायनी पीठ

अनन्त काल से भारतवर्ष यथार्थ में पवित्र स्थानों, तीर्थों, सिद्धपीठों, मन्दिरों एवं देवालयों से सुसज्जित एवं सुशोभित रहा है। जिस पावन पवित्र भूमि में गंगा, यमुना, सरस्वती आदि नदियों एवं राम कृष्ण आदि आराध्य देवों ने अवतार ग्रहण किया और अधर्म का नाश कर धर्म की रक्षा की, ऐसे सुन्दर पवित्रतम स्थानों को तीर्थ एवं सिद्धपीठ के नाम से पुकारा गया, जिनमें भगवान नन्दनन्दन अशरणशरण, करुणावरुणालय, ब्रजेन्द्र नन्दन श्री कृष्णचंद्र की पावन पुण्यमय क्रीड़ाभूमि श्रीधाम वृन्दावन में कालिन्दी गिरिनन्दनी सकल क्ल्मषहारिणी श्री यमुना के सन्निकट राधाबाग़ स्थित अति प्राचीन सिद्धपीठ के रूप में श्री श्री माँ कात्यायनी देवी विराजमान हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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