कांची शक्तिपीठ  

कांची शक्तिपीठ
अम्बाजी शक्तिपीठ
वर्णन तमिलनाडु स्थित 'कांची शक्तिपीठ' भारतवर्ष के अज्ञात 108 एवं ज्ञात 51 पीठों में से एक है। इसका हिन्दू धर्म में बड़ा ही महत्त्व है।
स्थान काँची, तमिलनाडु
देवी-देवता शक्ति 'देवगर्भा' तथा भैरव 'रुरु'।
संबंधित लेख शक्तिपीठ, सती
पौराणिक मान्यता मान्यतानुसार यह माना जाता है कि इस स्थान पर देवी सती का 'कंकाल' गिरा था।
अन्य जानकारी कांची शक्तिपीठ दक्षिण भारत का सर्वप्रधान शक्तिपीठ है।

कांची शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है। हिन्दू धर्म के पुराणों के अनुसार जहां-जहां सती के अंग के टुकड़े, धारण किए वस्त्र या आभूषण गिरे, वहां-वहां शक्तिपीठ अस्तित्व में आये। ये अत्यंत पावन तीर्थस्थान कहलाये। ये तीर्थ पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर फैले हुए हैं। देवीपुराण में 51 शक्तिपीठों का वर्णन है।

मंदिर

यह शक्तिपीठ तमिलनाडु राज्य के कांचीपुरम नगर में स्थित है। यहाँ देवी का कंकाल गिरा था। शक्ति 'देवगर्भा' तथा भैरव 'रुरु' हैं। यहाँ देवी कामाक्षी का भव्य विशाल मंदिर है, जिसमें त्रिपुर सुंदरी की प्रतिमूर्ति कामाक्षी देवी की प्रतिमा है। यह दक्षिण भारत का सर्वप्रधान शक्तिपीठ है। काँची के तीन भाग हैं-

  1. शिवकाँची
  2. विष्णुकाँची
  3. जैनकाँची

ये तीनों अलग नहीं हैं। शिवकाँची नगर का बड़ा भाग है, जो स्टेशन से लगभग-2 किलोमीटर है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. सौंदर्य लहरी

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