देवीकूप शक्तिपीठ  

देवीकूप शक्तिपीठ
देवीकूप शक्तिपीठ
वर्णन हरियाणा स्थित 'देवीकूप शक्तिपीठ' भारतवर्ष के अज्ञात 108 एवं ज्ञात 51 पीठों में से एक है। इसका हिन्दू धर्म में बड़ा ही महत्त्व है।
स्थान कुरुक्षेत्र, हरियाणा
देवी-देवता देवी 'सावित्री' तथा भैरव 'स्थाणु'।
संबंधित लेख शक्तिपीठ, सती
पौराणिक मान्यता मान्यतानुसार यह माना जाता है कि इस स्थान पर देवी सती के दाएँ चरण (गुल्फ) का निपात हुआ था।
अन्य जानकारी इस पीठ में भद्रकाली की विलक्षण प्रतिमा है। गणों के रूप में दक्षिणमुखी हनुमान, गणेश तथा भैरव विद्यमान हैं। यहीं स्थाणु शिव का अद्भुत शिवलिंग भी है, जिसमें प्राकृतिक रूप से ललाट, तिलक एवं सर्प अंकित हैं।
देवीकूप शक्तिपीठ / भद्रकाली पीठ / कुरुक्षेत्र शक्तिपीठ

देवीकूप शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है। हिन्दू धर्म के पुराणों के अनुसार जहां-जहां सती के अंग के टुकड़े, धारण किए वस्त्र या आभूषण गिरे, वहां-वहां शक्तिपीठ अस्तित्व में आये। ये अत्यंत पावन तीर्थस्थान कहलाये। ये तीर्थ पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर फैले हुए हैं। देवीपुराण में 51 शक्तिपीठों का वर्णन है।

स्थिति

यह शक्तिपीठ हरियाणा के कुरुक्षेत्र जंक्शन तथा थानेश्वर रेलवे स्टेशन के दोनों ओर से 4 किलोमीटर दूर झाँसी मार्ग पर, 'द्वैपायन सरोवर' के पास स्थित है। कुरुक्षेत्र शक्तिपीठ, जिसे 'श्रीदेवीकूप' कहा जाता है, 'भद्रकाली पीठ' के नाम से मान्य है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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