बलदेव मथुरा  

बलदेव मथुरा
बलदेव मन्दिर मथुरा
विवरण बलदेव मथुरा से 21 कि.मी. की दूरी पर एटा, मथुरा मार्ग के मध्य में स्थित है। मार्ग के बीच में गोकुल एवं महावन पड़ते हैं, जो कि पुराणों में वर्णित 'वृहद्वन' के नाम से विख्यात हैं। यह स्थान पुराणोक्त 'विद्रुमवन' के नाम से निर्दिष्ट है।
राज्य उत्तर प्रदेश
ज़िला मथुरा
प्रसिद्धि हिन्दू धार्मिक स्थल
कब जाएँ कभी भी
यातायात बस, कार, ऑटो आदि
कहाँ ठहरें गैस्ट हाउस, धर्मशाला आदि
एस.टी.डी. कोड 05263
संबंधित लेख नन्दगाँव, गोकुल, बरसाना, मथुरा, वृन्दावन, काम्यवन, लट्ठमार होली, बलदेव मन्दिर मथुरा
पिन कोड 281301
अन्य जानकारी मन्दिर के पीछे एक विशाल कुण्ड है, जो कि 'बलभद्र कुण्ड' के नाम से पुराण में वर्णित है। आजकल इसे 'क्षीरसागर' के नाम से पुकारते हैं।
अद्यतन‎

बलदेव स्थान मथुरा जनपद में ब्रजमंडल के पूर्वी छोर पर स्थित है। मथुरा से 21 कि.मी. की दूरी पर एटा-मथुरा मार्ग के मध्य में यह स्थित है। मार्ग के बीच में गोकुल एवं महावन, जो कि पुराणों में वर्णित 'वृहद्वन' के नाम से विख्यात हैं, पड़ते हैं। यह स्थान पुराणोक्त 'विद्रुमवन' के नाम से निर्दिष्ट है।

बलराम प्रतिमा

विद्रुभवन में भगवान श्री बलराम जी की अत्यन्त मनोहारी विशाल प्रतिमा तथा उनकी सहधर्मिणी राजा ककु की पुत्री ज्योतिष्मती रेवती जी का विग्रह है। यह एक विशालकाय देवालय है, जो कि एक दुर्ग की भाँति सुदृढ प्राचीरों से आवेष्ठित है। मन्दिर के चारों ओर सर्प की कुण्डली की भाँति परिक्रमा मार्ग में एक पूर्ण पल्लवित बाज़ार है। इस मन्दिर के चार मुख्य दरवाज़े हैं, जो क्रमश: निम्नलिखित हैं-

  1. सिंहचौर
  2. जनानी ड्योढी
  3. गोशाला द्वार
  4. बड़वाले दरवाज़ा

मन्दिर के पीछे एक विशाल कुण्ड है, जो कि 'बलभद्र कुण्ड' के नाम से पुराण में वर्णित है। आजकल इसे 'क्षीरसागर' के नाम से पुकारते हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. रोहिणेयक ग्राम का अपभ्रंश तथा अबैरनी, बैर रहित क्षेत्र

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