चो रामस्वामी  

चो रामस्वामी
चो रामस्वामी
पूरा नाम श्रीनिवास अय्यर रामस्वामी
प्रसिद्ध नाम चो रामस्वामी
जन्म 5 अक्टूबर, 1934
जन्म भूमि मद्रास
मृत्यु 7 दिसम्बर, 2016
मृत्यु स्थान चेन्नई, तमिलनाडु
कर्म भूमि भारत
प्रसिद्धि अभिनेता, नाटककार, सम्पादक, राजनीतिक व्यंग्यकार, फ़िल्म निर्देशक तथा अधिवक्ता।
नागरिकता भारतीय
विशेष बाबूराव पटेल की 'मदर इंडिया' की तर्ज पर चो रामस्वामी ने तमिल में राजनीतिक व्यंय की पहली पत्रिका शुरू की और इसका नाम 'तुग़लक़' रखा था।
अन्य जानकारी तमिलनाडु जब द्रविड़ वैचारिकता की गिरफ्त में आ गया था, तब श्रीनिवास अय्यर रामस्वामी यानी चो रामस्वामी विरोध की अकेली आवाज़ थे। लेकिन उन्होंने हरसंभव कोशिश की कि उनकी आवाज़ को उनके तीखेपन में नहीं, बल्कि व्यंग्य की पैनी और रचनात्मक शैली में सुना जाए।

चो रामस्वामी (अंग्रेज़ी: Cho Ramaswamy, जन्म- 5 अक्टूबर, 1934, मद्रास; मृत्यु- 7 दिसम्बर, 2016, तमिलनाडु) भारतीय अभिनेता, हास्य कलाकार, चरित्र अभिनेता, संपादक, राजनीतिक व्यंग्यकार, नाटककार, संवाद लेखक, फ़िल्म निर्देशक और अधिवक्ता थे। उनका पूरा नाम 'श्रीनिवास अय्यर रामस्वामी' था। बाबूराव पटेल की 'मदर इंडिया' की तर्ज पर चो रामस्वामी ने तमिल में राजनीतिक व्यंय की पहली पत्रिका शुरू की थी और इसका नाम 'तुग़लक़' रखा था। द्रविड़ आंदोलन और कांग्रेस का एक भी नेता उनके व्यंग्य के निशाने से नहीं बच पाया। इससे तुग़लक़ के पाठकों में यह विश्वास पनपा कि चो रामस्वामी की मारक लेखनी से कोई बच नहीं सकता। असंख्य लोग व्यग्यों के जरिये सामाजिक बदलाव लाने के चो रामस्वामी के काम को प्रशंसा और सम्मान की दृष्टि से देखते थे। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता के चो रामस्वामी गहरे मित्र थे।

परिचय

चो रामस्वामी का जन्म 5 अक्टूबर सन 1934 को ब्रिटिशकालीन भारत में मद्रास में हुआ था। तमिलनाडु के कद्दावर नेताओं को भी यह पता था कि चो रामस्वामी किसी आलोचना से परे नहीं हैं। इसमें कोई शक नहीं कि व्यंग्यकार, पत्रकार, नाटककार, अभिनेता और राजनीतिक सलाहकार चो रामस्वामी का राजनीतिक झुकाव दक्षिणपंथ की ओर था। इसके बावजूद जो भी पार्टी सत्ता में रही हो, जब भी मीडिया की आज़ादी या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात उठी, वे मोर्चे पर सबसे आगे रहे।[1] देश के कई नेताओं के साथ रामस्वामी के अच्छे व्यक्तिगत संबंध थे। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता से भी उनकी काफ़ी अच्छी दोस्ती थी। जब चो रामस्वामी गंभीर रूप से बीमार पड़े, तब जयललिता के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे।[2]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. चो रामास्वामी- जिन्होंने 2008 में ही मोदी में भावी पीएम देखा (हिंदी) bbc.com। अभिगमन तिथि: 11 दिसम्बर, 2016।
  2. जयललिता के करीबी चो रामास्वामी का निधन (हिंदी) navbharattimes.indiatimes.com। अभिगमन तिथि: 11 दिसम्बर, 2016।

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