आपातकाल  

आपातकाल अर्थात् आकस्मिक संकट का वह समय, जिसके लिए तत्काल कार्यवाही की आवश्यकता हो। देश में आंतरिक अशांति को खतरा होने, बाहरी आक्रमण होने अथवा वित्तीय संकट की हालात में आपातकाल की घोषणा की जाती है। भारत में 1962 में चीन के साथ एवं 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान आपातकाल का दौर देखा था, पर यह 'बाहरी आक्रमण' के कारण लगाया गया था। 25 जून, 1975 की मध्यरात्रि से 21 मार्च, 1977 के बीच जो आपातकाल का दौर देश ने देखा, वह 'आंतरिक अशांति' के करण संविधान के अनुच्छेद 352 के अंतर्गत लगाया गया था।

आपातकालीन प्रावधान (भाग – 18 अनुच्छेद 352 से 360)

प्रस्तावना-

यह अनुच्छेद संसद/सरकार को असामान्य परिस्थितियों का सामना करने के लिये सक्षम बनाती है। इस प्रावधान को प्रभावी बनाने का उदेश्य देश की एकता, अखण्डता, संप्रभुता, लोकतंत्र, राजनैतिक व्यवस्था और संविधान की सुरक्षा करना है। इस स्थिति मे केन्द्र सरकार शक्तिशाली हो जाती है और संविधान में संशोधन किये बिना ही संघात्मक ढांचा एकात्मक में बदल जाता है।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. आपातकाल (हिंदी) Allaboutexam Blog। अभिगमन तिथि: 07 अक्टूबर, 2016।

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