ख़्वाजा अहमद अब्बास  

ख़्वाजा अहमद अब्बास
ख़्वाजा अहमद अब्बास
पूरा नाम ख़्वाजा अहमद अब्बास
जन्म 7 जून 1914
जन्म भूमि पानीपत, हरियाणा
मृत्यु 1 जून 1987
मृत्यु स्थान मुंबई, महाराष्ट्र
अभिभावक ग़ुलाम-उस-सिबतैन और मसरूर ख़ातून
पति/पत्नी मुज़्तबी बेगम
कर्म भूमि मुम्बई
कर्म-क्षेत्र फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और उर्दू लेखक
मुख्य फ़िल्में नया संसार, नीचा नगर, आवारा, श्री 420, डॉ. कोटनिस की अमर कहानी, धरती के लाल, आज और कल, सात हिंदुस्तानी आदि।
शिक्षा बी.ए., एल.एल.बी
विद्यालय अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
पुरस्कार-उपाधि पद्म श्री, ग़ालिब पुरस्कार, फ़िल्म 'नीचा नगर' के लिए अंतरराष्ट्रीय कान्स फ़िल्म समारोह में पाल्मे डी'ओर पुरस्कार, फ़िल्मफेयर पुरस्कार
नागरिकता भारतीय
पुस्तकें इंकलाब, 'आई एम नॉट ऍन आयलैंड: ऍन एक्सपैरीमेंट इन ऑटो बायोग्राफ़ी'
अन्य जानकारी बॉम्बे क्रॉनिकल में ये लंबे समय तक बतौर संवाददाता और फ़िल्म समीक्षक रहे। इनका स्तंभ 'द लास्ट पेज' सबसे लंबा चलने वाले स्तंभों में गिना जाता है।

ख़्वाजा अहमद अब्बास (अंग्रेज़ी: Khwaja Ahmad Abbas, जन्म: 7 जून 1914 – मृत्यु: 1 जून 1987) प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और उर्दू लेखक थे। वे उन कुछ गिने चुने लेखकों में से एक थे, जिन्होंने मुहब्बत, शांति और मानवता का पैगाम दिया। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 'अलीगढ़ ओपिनियन' शुरू किया। 'बॉम्बे क्रॉनिकल' में ये लंबे समय तक बतौर संवाददाता और फ़िल्म समीक्षक रहे। इनका स्तंभ 'द लास्ट पेज' सबसे लंबा चलने वाले स्तंभों में गिना जाता है। यह 1941 से 1986 तक चला। अब्बास इप्टा के संस्थापक सदस्य थे।

जीवन परिचय

ख़्वाजा अहमद अब्बास साहब का जन्म 7 जून 1914 को हरियाणा राज्य के पानीपत में हुआ। वे 'ख़्वाजा ग़ुलाम अब्बास' के पोते थे जो 1857 के विद्रोह के शहीदों में से एक थे। उनके पिता 'ग़ुलाम-उस-सिबतैन' थे जो उन्हें पवित्र क़ुरान पढ़ने के लिए प्रेरित करते, जबकि 'मसरूर ख़ातून' उनकी माँ थीं। उनके ख़ानदान का बखान अयूब अंसारी तक जाता है जो पैगंबर मुहम्मद के साथी थे। अपनी प्रारंभिक शिक्षा के लिए, अब्बास साहब 'हाली मुस्लिम हाई स्कूल' गये जिसे उनके परदादा यानी प्रसिद्ध उर्दू शायर ख़्वाजा अल्ताफ़ हुसैन हाली और मिर्ज़ा ग़ालिब के शागिर्द; द्वारा स्थापित किया गया था। पानीपत में उन्होंने 7वीं कक्षा तक अध्ययन किया, 15 वर्ष की आयु होने पर मैट्रिक समाप्त की और बाद में, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में बी.ए. (1933) और एल.एल.बी (1935) पूरी की।[1] वह अपने जीवन में अधिकांश कार्यों में सफल रहे थे। उनके सुकोमल प्रेमप्रसंग के परिणामस्वरूप मुज़्तबी बेगम के साथ विवाह का अति सुंदर वर्णन उनकी आत्मकथा 'आई एम नॉट आइलैंड' में किया गया है। यह एक सफल प्रेम विवाह था। कहा जाता है कि उनकी समस्त उल्लेखनीय उपलब्धियों के पीछे उनकी पत्नी का बड़ा था। सन 1958 में पत्नी की मृत्यु के उपरांत अकेले रह गये।[2]

इंदिरा गाँधी के साथ ख़्वाजा अहमद अब्बास

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 1.4 1.5 1.6 ख़्वाजा अहमद अब्बास (हिंदी) फ़िल्म राइटर्स एसोसिएशन। अभिगमन तिथि: 16 सितम्बर, 2013।
  2. 2.0 2.1 ख़्वाजा अहमद अब्बास (हिंदी) हरियाणा की कला एवं संस्कृति (गूगल बुक्स)। अभिगमन तिथि: 16 सितम्बर, 2013।
  3. समाज के प्रति प्रतिबद्ध थे ख़्वाजा अहमद अब्बास (हिंदी) वेबदुनिया हिंदी। अभिगमन तिथि: 16 सितम्बर, 2013।
  4. अमिताभ: सात हिन्दुस्तानी के अधिकार बेचे थे अब्बास ने (हिंदी) ज़ी क्राइम। अभिगमन तिथि: 16 सितम्बर, 2013।

बाहरी कड़ियाँ

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