"प्रयोग:गोविन्द6": अवतरणों में अंतर

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
यहाँ जाएँ:नेविगेशन, खोजें
No edit summary
No edit summary
पंक्ति 1: पंक्ति 1:
{{माह
{| width="100%"
| राष्ट्रीय शाके = 1933<br />माघ 12 से फाल्गुन 10 तक 
|
| विक्रम संवत = 2068 <br />फाल्गुन सुदी 9 से फाल्गुन सुदी 7 तक
{{हमारी आपकी}}
| अंग्रेज़ी = मार्च 2012
|-
| इस्लामी हिजरी =  1433 <br />रविउल अव्वल 8 से रवि उस्मानी 6 तक
|
| जैन संवत = 2538<br />माघ शुक्ल 9 से फाल्गुन शुक्ल 7 तक
{| width="51%" align="left" cellpadding="0" cellspacing="5"
| रवि1 = {{Date| दिनांक = 1
|-valign="top"
| तिथि सूचना =शाके 19 गते 26<br />कृष्ण पक्ष पड़वा<br />आश्लेषा<br />हि. 15 तर्फ़ा }}
{{आज का दिन}}
| घटनाएँ = *[[गोविंद शंकर कुरुप|गोविंद शंकर कुरुप पुण्य दिवस]], [[चतुरसेन शास्त्री|चतुरसेन शास्त्री पुण्य दिवस]]
|-valign="top"
| रवि2 =
{{विशेष आलेख}}
| रवि3 =  
|-valign="top"
| रवि4 =  
{{एक पर्यटन स्थल}}
| रवि5 =  
|-valign="top"
| सोम1 =
{{ऐसा भी हुआ}}
| सोम2 =
|-valign="top"
| सोम3 = 
{{भूला-बिसरा भारत}}
| सोम4 =
|-valign="top"
| सोम5 = 
{{सामान्य ज्ञान}}
| मंगल1 =
|}
| मंगल2 = 
{| width="49%" align="right" cellpadding="1" cellspacing="5"
| मंगल3 =
|-valign="top"
| मंगल4 = 
{{भारत कोश हलचल}}
| मंगल5 =
|-valign="top"
| बुध1 = 
{{:प्रयोग:गोविन्द4}}
| बुध2 =
|-valign="top"
| बुध3 = 
{{समाचार-चयनिका}}
| बुध4 = 
|-valign="top"
| बुध5 =
{{एक व्यक्तित्व}}
| गुरु1 =
|-valign="top"
| गुरु2 =
{{मुख्य चयनित चित्र}}
| गुरु3 =  
|}
| गुरु4 =
|}
| गुरु5 = 
| शुक्र1 =
| शुक्र2 = 
| शुक्र3 =
| शुक्र4 = 
| शुक्र5 =
| शनि1 = 
| शनि2 =
| शनि3 = 
| शनि4 = 
| शनि5 = 
}}

13:06, 23 फ़रवरी 2012 का अवतरण

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

'भारत डिस्कवरी' विभिन्न भाषाओं में निष्पक्ष एवं संपूर्ण ज्ञानकोश उपलब्ध कराने का अलाभकारी शैक्षिक मिशन है। कृपया यह भी ध्यान दें कि यह सरकारी वेबसाइट नहीं है और हमें कहीं से कोई आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं है।


ज्ञान का हिन्दी-महासागर

कुल पृष्ठ- 1,96,254   •   देखे गये पृष्ठ- साँचा:NUMBEROFVIEWS
कुल लेख- 63,515   •   कुल चित्र- 19,875
सदस्यों को सम्पादन सुविधा उपलब्ध है।

आज का दिन - 13 जुलाई 2026 (भारतीय समयानुसार)


एक आलेख

        संसद भवन नई दिल्ली में स्थित सर्वाधिक भव्य भवनों में से एक है, जहाँ विश्व में किसी भी देश में मौजूद वास्तुकला के उत्कृष्ट नमूनों की उज्ज्वल छवि मिलती है। राजधानी में आने वाले भ्रमणार्थी इस भवन को देखने ज़रूर आते हैं जैसा कि संसद के दोनों सभाएं लोक सभा और राज्य सभा इसी भवन के अहाते में स्थित हैं। संसद भवन संपदा के अंतर्गत संसद भवन, स्वागत कार्यालय भवन, संसदीय ज्ञानपीठ (संसद ग्रंथालय भवन) संसदीय सौध और इसके आस-पास के विस्तृत लॉन, जहां फ़व्वारे वाले तालाब हैं, शामिल हैं। संसद भवन की अभिकल्पना दो मशहूर वास्तुकारों - सर एडविन लुटय़न्स और सर हर्बर्ट बेकर ने तैयार की थी जो नई दिल्ली की आयोजना और निर्माण के लिए उत्तरदायी थे। संसद भवन की आधारशिला 12 फ़रवरी, 1921 को महामहिम द डय़ूक ऑफ कनाट ने रखी थी । इस भवन के निर्माण में छह वर्ष लगे और इसका उद्घाटन समारोह भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड इर्विन ने 18 जनवरी, 1927 को आयोजित किया। इसके निर्माण पर 83 लाख रुपये की लागत आई। ... और पढ़ें

पिछले आलेख राष्ट्रपति रसखान की भाषा मौर्य काल


एक पर्यटन स्थल

डल झील
डल झील

        डल झील का प्रमुख आकर्षण केन्द्र तैरते हुए बग़ीचे हैं। पौराणिक मुग़ल किलों में यहाँ की संस्कृति तथा इतिहास के दर्शन होते हैं। डल झील के पास ही मुग़लों के सुंदर एवं प्रसिद्ध पुष्प वाटिका से डल झील की आकृति और उभरकर सामने आती है। कश्मीर के प्रसिद्ध विश्वविद्यालय झील के तट पर स्थित है। शिकारे के माध्यम से सैलानी नेहरू पार्क, कानुटुर खाना, चारचीनारी, कुछ द्वीप जो यहाँ पर स्थित हैं, उन्हें देख सकते हैं। श्रद्घालुओं के लिए हज़रतबल तीर्थस्थल के दर्शन करे बिना उनकी यात्रा अधूरी रह जाती है। शिकारे के माध्यम से श्रद्धालु इस तीर्थस्थल के दर्शन कर सकते हैं। दुनिया भर में यह झील विशेष रूप से शिकारों या हाऊस बोट के लिए जानी जाती है। डल झील के आस-पास की प्राकृतिक सुंदरता अधिक संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ... और पढ़ें

पिछले पर्यटन स्थल लक्षद्वीप चंडीगढ़ लाल क़िला


ऐसा भी हुआ !


भूला-बिसरा भारत
  • 'टेसू' को साथ लेकर बच्चे घर-घर जाकर पैसे मांगते थे चाहे वे अमीर घर के हों या ग़रीब ...और पढ़ें

  • भारतीय शिक्षा परंपरा में 'टोल' का प्रचलन लगभग पूरे भारत में था ...और पढ़ें

  • घर-घर में पायी जाने वाली 'रहल' अब दुर्लभ हो गयी है ... और पढ़ें

  • भारत में पहले छोटी मुद्रा के रूप में भी प्रयोग होती थी 'कौड़ी' ? ... और पढ़ें

भारतकोश हलचल

जगन्नाथ रथयात्रा (16 जुलाई) अमावस्या (14 जुलाई) प्रदोष व्रत (12 जुलाई) मासिक शिवरात्रि (12 जुलाई) विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) योगिनी एकादशी (10 जुलाई) शीतला अष्टमी (8 जुलाई) संकष्टी चतुर्थी (3 जुलाई) देवशयनी एकादशी (06 जुलाई) जीएसटी दिवस (1 जुलाई) वन महोत्सव (सप्ताह) (1 जुलाई) भारतीय स्टेट बैंक स्थापना दिवस (1 जुलाई) राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (1 जुलाई) अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस (30 जून) अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस (30 जून) हूल क्रान्ति दिवस (30 जून) सांख्यिकी दिवस (29 जून) ज्येष्ठ पूर्णिमा (29 जून) कबीरदास जयंती (29 जून) प्रदोष व्रत(27 जून) मुहर्रम (26 जून) हिजरी नववर्ष (26 जून) अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस (26 जून) निर्जला एकादशी(25 जून) संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस (23 जून) अन्तरराष्ट्रीय विधवा दिवस (23 जून) महेश नवमी (23 जून) दुर्गाष्टमी (22 जून) दशाश्वमेध घाट स्नान प्रारम्भ (वाराणसी) (21 जून) अंतरराष्ट्रीय योग दिवस(21 जून) पितृ दिवस (21 जून) विश्व संगीत दिवस (21 जून) विश्व शरणार्थी दिवस (20 जून) अरण्य षष्ठी (20 जून) विश्व एथनिक दिवस (19 जून) गोवा क्रान्ति दिवस (18 जून) गणेश चतुर्थी (18 जून) सोमवती अमावस्या (15 जून) मिथुन संक्रांति (15 जून)


जन्म
जमशेद जी जीजाभाई (15 जुलाई) पत्तम थानु पिल्लई (15 जुलाई) के. कामराज (15 जुलाई) दुर्गाबाई देशमुख (15 जुलाई) गणपतराव देवजी तापसे (15 जुलाई) मोहम्मद उस्मान (15 जुलाई) बादल सरकार (15 जुलाई) जयसिंह (15 जुलाई) रमेश पोखरियाल (15 जुलाई) कलानाथ शास्त्री (15 जुलाई) चन्द्रभानु गुप्त (14 जुलाई) ई. एम. एस. नमबूद्रिपद (14 जुलाई) देशबंधु गुप्त (14 जुलाई) गोपाल गणेश आगरकर (14 जुलाई) कैलाश चंद्र जोशी (14 जुलाई) शंकरराव चह्वाण (14 जुलाई) अस्ताद देबू (13 जुलाई) बीना राय (13 जुलाई) भीष्म नारायण सिंह (13 जुलाई) सुनीता जैन (13 जुलाई)
मृत्यु
बाल गन्धर्व (15 जुलाई) बानो जहाँगीर कोयाजी (15 जुलाई) मरियम मिर्ज़ाख़ानी (15 जुलाई) मदन मोहन (14 जुलाई) लीला चिटनिस (14 जुलाई) रमन विश्वनाथन (14 जुलाई) राजा लक्ष्मण सिंह (14 जुलाई) आशापूर्णा देवी (13 जुलाई) यशपाल शर्मा (13 जुलाई)


समाचार

एक व्यक्तित्व

        महापण्डित राहुल सांकृत्यायन को हिन्दी यात्रा साहित्य का जनक माना जाता है। वे एक प्रतिष्ठित बहुभाषाविद थे और 20वीं सदी के पूर्वार्द्ध में उन्होंने यात्रा वृतांत तथा विश्व-दर्शन के क्षेत्र में साहित्यिक योगदान किए। बौद्ध धर्म पर उनका शोध हिन्दी साहित्य में युगान्तरकारी माना जाता है, जिसके लिए उन्होंने तिब्बत से लेकर श्रीलंका तक भ्रमण किया था। बौद्ध धर्म की ओर जब झुकाव हुआ तो पाली, प्राकृत, अपभ्रंश, तिब्बती, चीनी, जापानी, एवं सिंहली भाषाओं की जानकारी लेते हुए सम्पूर्ण बौद्ध ग्रन्थों का मनन किया और सर्वश्रेष्ठ उपाधि 'त्रिपिटिका चार्य' की पदवी पायी। साम्यवाद के क्रोड़ में जब राहुल जी गये तो कार्ल मार्क्स, लेनिन तथा स्तालिन के दर्शन से पूर्ण परिचय हुआ। प्रकारान्तर से राहुल जी इतिहास, पुरातत्त्व, स्थापत्य, भाषाशास्त्र एवं राजनीति शास्त्र के अच्छे ज्ञाता थे। ... और पढ़ें

पिछले लेख पण्डित ओंकारनाथ ठाकुर जे. आर. डी. टाटा आर. के. लक्ष्मण


चयनित चित्र

राजस्थान स्थित पुष्कर का विहंगम दृश्य
राजस्थान स्थित पुष्कर का विहंगम दृश्य

पुष्कर, अजमेर