बाइबिल  

बाइबिल
Bible

बाइबिल (अंग्रेज़ी:Bible, अर्थात् 'किताब') ईसाई धर्म[1] की आधारशिला है और ईसाइयों[2] का पवित्रतम 'धर्मग्रन्थ' है। बाइबिल के दो भाग हैं-

  1. पूर्वविधान (ओल्ड टेस्टामैंट)
  2. नवविधान (न्यू टेस्टामेंट)

बाइबिल का 'पूर्वाध' अर्थात् पूर्वविधान यहूदियों का भी धर्मग्रंथ है। बाइबिल ईश्वरप्रेरित[3] है, किंतु उसे अपौरुषेय नहीं कहा जा सकता। ईश्वर ने बाइबिल के विभिन्न लेखकों को इस प्रकार प्रेरित किया है कि वे ईश्वरकृत होते हुए भी उनकी अपनी रचनाएँ भी कही जा सकती हैं। ईश्वर ने बोलकर उनसे बाइबिल नहीं लिखवाई। वे अवश्य ही ईश्वर की प्रेरणा से लिखने में प्रवृत्त हुए, किंतु उन्होंने अपनी संस्कृति, शैली तथा विचारधारा की विशेषताओं के अनुसार ही उसे लिखा है। अत: बाइबिल ईश्वरीय प्रेरणा तथा मानवीय परिश्रम दोनों का सम्मिलित परिणाम है।

इतिहास

मानव जाति तथा यहूदियों के लिए ईश्वर ने जो कुछ किया और इसके प्रति मनुष्य की जो प्रतिक्रिया हुई, उसका इतिहास और विवरण ही 'बाइबिल' का विषय है। बाइबिल गूढ़ दार्शनिक सत्यों का संकलन नहीं है, बल्कि इसमें दिखलाया गया है कि ईश्वर ने मानव जाति की मुक्ति का क्या प्रबंध किया है। वास्तव में बाइबिल ईश्वरीय मुक्तिविधान के कार्यान्वयन का इतिहास है, जो 'ओल्ड टेस्टामेंट' में प्रारंभ होकर ईसा के द्वारा 'न्यू टेस्टामेंट' में संपादित हुआ है। अत: बाइबिल के दोनों भागों में घनिष्ठ संबंध है। ओल्ड टेस्टामेंट की घटनाओं द्वारा ईसा के जीवन की घटनाओं की पृष्ठभूमि तैयार की गई है। न्यू टेस्टामेंट में दिखलाया गया है कि मुक्तिविधान किस प्रकार ईसा के व्यक्तित्व, चमत्कारों, शिक्षा, मरण तथा पुनरुत्थान द्वारा संपन्न हुआ है। किस प्रकार ईसा ने चर्च की स्थापना की और इस चर्च ने अपने प्रारंभिक विकास में ईसा के जीवन की घटनाओं को किस दृष्टि से देखा है कि उनमें से क्या निष्कर्ष निकाला है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मसीही धर्म
  2. मसीहियों
  3. इंस्पायर्ड
  4. ख़ास तौर पर सृष्टि
  5. यीशु
  6. इब्रानी : तनख़
  7. पैरालियोमेनोन
  8. एस्ट्रास
  9. एल्केसिआस्तेस
  10. गास्पैल
  11. ईसा
  12. प्रकाशना
  13. कोरिंथियों तथा थेस्सालुनीकियों के नाम दो दो पत्र, रोमियों, एफिसियों, फिलिपियों और कुलिसियों के नाम एक एक पत्र
  14. तिमोथी के नाम दो और तितुस तथा फिलेमोन के नाम एक एक पत्र
  15. इब्रानी बोलचाल
  16. सप्तति
  17. प्रचलित पाठ
  18. टेस्टामेंट
  19. प्राचीन धर्मनियम
  20. नवीन धर्मनियम
  21. जिसमें संभवत: नवीन धर्म नियम के कुछ अंश ग्रीक में लिखे गए थे।
  22. याँजाब की पुस्तक
  23. रूथ के अध्ययन की कथा
  24. न्यू टेस्टामेंट
  25. इटैलियन
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