लाई हराओबा  

लाइ हराओबा उत्सव, मणिपुर

लाइ हराओबा या लाई हारोबा (अंग्रेज़ी: Lai Haraoba) मणिपुर के मुख्‍य उत्‍सवों में से एक है। यह नृत्य का प्राचीन रूप है, जो मणिपुर में सभी शैली के नृत्‍य के रूपों का आधार है। लाइ हराओबा पर्व श्रुति साहित्य, संगीत, नृत्य और परंपरिक अनुष्ठानों का अद्भुत संगम है। यह पारम्परिक सनमाही धर्म के देवताओं उमंग लाई को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। यह नृत्‍य तथा गीत के एक अनुष्‍ठानिक अर्पण के रूप में प्रस्‍तुत किया जाता है।

परिचय

लाई हराओबा की जब बात होती है तो सबसे पहले दिमाग में यही सवाल आता है कि लाई हराओबा त्योहार आखिर है क्या? लाई हराओबा त्योहार को कौन मनाते हैं। जिस तरह से हमारे लिए होली एक बड़ा ही रंग-बिरंगा त्योहार होता है, उसी तरह से लाई हराओबा मणिपुर का एक बड़ा ही रंग-बिरंगा त्योहार है। साथ ही इसे राज्य का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार भी माना जाता है। उमंग लाई हराओबा के नाम से भी मणिपुर में मनाया जाने वाला यह त्योहार जाना जाता है। चूंकि इसे मेतेई समुदाय के लोग मनाते हैं, इसलिए इसे एक पारंपरिक मैतेई त्योहार के रूप में भी जानते हैं। जिस ईश्वर ने इस सृष्टि की रचना की है, जिस ईश्वर ने इस पृथ्वी को बनाया है, उस पृथ्वी और उस पर निवास करने वाले जीवों से यह त्योहार संबंध रखता है।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 लाई हराओबा त्योहार (हिंदी) opennaukri.com। अभिगमन तिथि: 28 सितम्बर, 2021।

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