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तारिक़ ख़ान

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तारिक़ ख़ान
तारिक़ ख़ान
पूरा नाम तारिक़ अली ख़ान
जन्म 9 नवंबर, 1951
जन्म भूमि लखनऊ, उत्तर प्रदेश
अभिभावक पिता- अजहर अली ख़ान

माता- अनीज़ ख़ान

कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र अभिनय
मुख्य फ़िल्में 'यादों की बारात' (1973)

'ज़ख्मी' (1975)
'हम किसी से कम नहीं' (1977)

प्रसिद्धि अभिनेता
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी तारिक़ ख़ान ने 1973 से फिल्म 'यादों की बारात' से अपना कॅरियर शुरू किया था। ये फिल्म हिट थी, लेकिन इससे तारिक को कुछ खास फायदा नहीं हुआ था।

तारिक़ अली ख़ान (अंग्रेज़ी: Tariq Ali Khan, जन्म- 9 नवंबर, 1951) पूर्व भारतीय फिल्म अभिनेता हैं जिनको उनकी बेहतरीन अभिनय प्रतिभा के लिए जाना जाता है। हिन्दी सिने जगत में वह मात्र 16 फिल्मों में दिखाई दिए थे। 'यादों की बारात' (1973), 'ज़ख्मी' (1975) और 'हम किसी से कम नहीं' (1977) उनकी सुपरहिट और यादगार फ़िल्में हैं। तारिक़ ख़ान हिन्दी सिनेमा के सुपरस्टारों में एक आमिर ख़ान के कजिन हैं।

परिचय

अभिनेता तारिक़ ख़ान का जन्म 9 नवंबर, 1951 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता का नाम अजहर अली ख़ान था तथा माता अनीज़ ख़ान थीं। 70 के दशक की फिल्म 'हम किसी से कम नहीं' का गाना 'क्या हुआ तेरा वादा' अपने समय का सुपरहिट गीत था। आज भी, जब भी इस गाने को सुना जाये तो अभिनेता तारिक़ ख़ान का चेहरा सामने आ जाता है जिस पर यह गाना फिल्माया गया था।

कॅरियर

तारिक़ ख़ान ने 1973 से फिल्म 'यादों की बारात' से अपना कॅरियर शुरू किया था। ये फिल्म हिट थी, लेकिन इससे तारिक को कुछ खास फायदा नहीं हुआ था। इसके बाद तारिक ने 1975 में फिल्म 'जख्मी' में काम किया। ये फिल्म फ्लॉप हो गई थी, इसलिए तारिक एक बार फिर स्टार बनने से चूक गए। फिर तारिक़ ख़ान को 1977 में फिल्म 'हम किसी से कम नहीं' मिली। ये फिल्म तारिक के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में तारिक ने बेहतरीन काम किया। इस फिल्म के बाद लड़कियां तारिक की दीवानी हो गई थीं।

70 के दशक में कॅरियर शुरू करने वाले तारिक़ ख़ान एक ऐसे एक्टर बनकर उभरे, जिसने 'यादों की बारात', 'जख्मी' और 'हम किसी से कम नहीं' जैसी तीन बैक-टू-बैक म्यूजिकल फिल्में दीं। इस फिल्म के बाद तो तारिक़ ख़ान की फिल्मी पारी जारी रही। एक के बाद एक कई फिल्मों के ऑफर उन्हें मिलते गए और सफलता का कारवां यूं ही चलता गया, लेकिन उनका ये कारवां कुछ सालों बाद ही थम गया और वो फिल्म इंडस्ट्री से गायब हो गए। तारिक़ ख़ान ने अपने कॅरियर में करीब 16 फिल्में कीं।

फ़िल्मों से दूरी

सन 1987 में आई फिल्म 'जेवर' के बाद तारिक़ ख़ान को काम मिलना बंद हो गया। इसकी एक वजह ये भी थी कि उनकी पिछली 6-7 फिल्में लगातार फ्लॉप हुई थीं। इन फिल्मों में 'ख्वाजा की दीवानी', 'नरम गरम', 'भूल', 'जबरदस्त', 'पैसे के पीछे' और 'बात बन जाए' शामिल थी। इसके बाद तारिक ने 8 साल बाद यानी 1995 में फिल्म 'मेरा दामाद' से कमबैक किया। हालांकि ये फिल्म भी फ्लॉप रही। इसके बाद तो तारिक ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला कर लिया। वो लाइम लाइट से पूरी तरह दूर हो गए। फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने को लेकर तारिक़ ख़ान ने अपने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि वो असुरक्षित महसूस करने लगे थे। बकौल तारिक़ ख़ान, 'मुझे लगने लगा था कि मैं एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया हूं जहां मेरा कॅरियर सुरक्षित नहीं है। इसलिए मैं एक ऐसी नौकरी चाहता था, जहां मेरा कॅरियर सुरक्षित हो।'

तारिक़ ख़ान आज एक जानी-मानी शिपमेंट कंपनी में सुपरवाइजिंग एक्जीक्यूटिव हैं। इसके अलावा उन्होंने ट्रैवल टिकटिंग और कार्गो फॉर्वर्डिंग में एक डिप्लोमा भी किया है। तारिक़ ख़ान आज फिल्मों से दूर हैं और कभी-कदार किसी इवेंट में नजर आते हैं। उन्होंने हर तरह के फिल्मी फंक्शन से दूरी बनाई हुई है। उनकी मानें तो वो अपनी छोटी-सी दुनिया में बेहद खुश हैं।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

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