तोसों लाग्यो नेह रे प्यारे, नागर नंद कुमार -मीरां  

Icon-edit.gif इस लेख का पुनरीक्षण एवं सम्पादन होना आवश्यक है। आप इसमें सहायता कर सकते हैं। "सुझाव"
तोसों लाग्यो नेह रे प्यारे, नागर नंद कुमार -मीरां
मीरांबाई
कवि मीरांबाई
जन्म 1498
जन्म स्थान मेरता, राजस्थान
मृत्यु 1547
मुख्य रचनाएँ बरसी का मायरा, गीत गोविंद टीका, राग गोविंद, राग सोरठ के पद
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची
मीरांबाई की रचनाएँ
  • तोसों लाग्यो नेह रे प्यारे, नागर नंद कुमार -मीरां

तोसों लाग्यो नेह रे प्यारे, नागर नंद कुमार।

मुरली तेरी मन हर्यो, बिसर्यो घर-व्यौहार॥

जब तें सवननि धुनि परि, घर आँगण न सुहाइ।

पारधि ज्यूँ चूकै नहीं, मृगी बेधी दइ आइ॥

पानी पीर न जानई ज्यों मीन तड़फि मरि जाइ।

रसिक मधुप के मरम को नहिं समुझत कमल सुभाइ॥

दीपक को जो दया नहिं, उड़ि-उड़ि मरत पतंग।

'मीरा' प्रभु गिरिधर मिले, जैसे पाणी मिलि गयो रंग॥

संबंधित लेख


वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=तोसों_लाग्यो_नेह_रे_प्यारे,_नागर_नंद_कुमार_-मीरां&oldid=214543" से लिया गया