रत्नागिरी  

रत्नागिरी का एक दृश्य

रत्नागिरी भारत के महाराष्ट्र राज्‍य के दक्षिण-पश्चिम भाग में अरब सागर के तट पर स्थित है। रत्नागिरी बाल गंगाधर तिलक की जन्‍मस्‍थली है। रत्नागिरी कोंकण क्षेत्र का ही एक भाग है। रत्नागिरी में बहुत लंबा समुद्र तट हैं। रत्नागिरी में कई बंदरगाह भी हैं। रत्नागिरी क्षेत्र पश्‍िचम में सह्याद्रि पहाड़ी से घिरा हुआ है।[1]

इतिहास

  • रत्नागिरी का मराठा इतिहास में महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। रत्नागिरी 1731 ई. में सतारा के राजा के अधिकार में आ गया और यह 1818 ई. तक सतारा के क़ब्ज़े में रहा। 1818 ई. में रत्नागिरी पर अंग्रेजों ने क़ब्ज़ा कर लिया।
  • रत्नागिरी में पर एक क़िला भी है जिसे बीजापुर के राजपरिवार ने बनवाया था। बाद में 1670 ई. में इस क़िले की शिवाजी ने मरम्‍मत करवाई थी।
  • रत्नागिरी का संबंध महाभारत काल से भी है। कहा जाता है अपने वनवास का तेरहवां वर्ष पांडवों ने रत्नागिरी से सटे हुए क्षेत्र में बिताया था। रत्नागिरी में ही म्यांमार के अंतिम राजा थिबू तथा वीर सावरकर को कैद कर रखा गया था।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 रत्‍नागिरी (हिन्दी) यात्रा सलाह। अभिगमन तिथि: 14 मार्च, 2011

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