सरीला  

सरीला बुंदेलखंड में अंग्रेज़ी शासन काल के अन्त तक एक छोटी-सी रियासत थी।[1]

  • महाराज छत्रसाल के पौत्र पहाड़सिंह को विरासत में जैतपुर का राज्य मिला था।
  • पहाड़सिंह के पुत्र गजसिंह ने जैतपुर की रियासत में से सरीला अपने भाई अमानसिंह को जागीर में दिया था।
  • कालांतर में सरीला स्वतंत्र रियासत स्थापित हो गई थी।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 943 |

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