मंडावर उत्तर प्रदेश  

मंडावर बिजनौर से प्रायः 10 मील उत्तर-पूर्व की ओर है।

नामकरण

कालीदास के अभिज्ञान शाकुंतलम् में वर्णित मालिनी नदी (मालन) के तट पर बसा हुआ प्राचीन स्थान है। स्थानीय किंवदन्ती में इस क़स्बे को बड़े प्राचीन काल से ही कण्व ऋषि का आश्रम माना गया है, जो यहाँ की स्थिति को देखते हुए ठीक जान पड़ता है। पाणिनि ने शायद इसी स्थान को [1] में मार्देयपुर कहा है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  • ऐतिहासिक स्थानावली से पेज संख्या 684-685| विजयेन्द्र कुमार माथुर | वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग | मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार
  1. अष्टाध्यायी 4,2,10
  2. जो उत्तर प्रदेश के ज़िले मुज़फ़्फ़रनगर ज़िला में स्थित है।
  • ऐतिहासिक स्थानावली | विजयेन्द्र कुमार माथुर | वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग | मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार

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