खजुवा  

खजुवा फ़तेहपुर ज़िला, उत्तर प्रदेश में 'बिंदकी' के पास एक ग्राम है। इस स्थान पर मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब और उसके भाई शाहशुजा में गद्दी के उत्तराधिकार के लिए 1658 ई. में युद्ध हुआ था।[1]

  • यहाँ लड़े गए युद्ध में शाहशुजा पराजित होकर बंगाल-असम की ओर भाग गया।
  • खजुवा में 'बाग-ए-बादशाही' नाम का एक स्मारक भी है।
  • छत्रपति शिवाजी के राजकवि 'भूषण' ने खुजवा के युद्ध का उल्लेख किया है-
'दारा की न दौर यह रारि नहीं खुजवे की, बांधिबो नहीं है किंधौं मीर सहवाल को।' [2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 253 |
  2. शिवा बोवनी 34.
  • ऐतिहासिक स्थानावली | विजयेन्द्र कुमार माथुर | वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग | मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार

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