हयमुख  

हयमुख प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थान सांकाश्य (एटा, उत्तर प्रदेश) के निकट था। भारत की यात्रा पर आने वाले चीनी यात्री युवानच्वांग ने यहाँ 1000 बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति का वर्णन किया है।

  • हयमुख सम्भवतः कान्यकुब्ज (वर्तमान कन्नौज) के निकट अश्वतीर्थ नामक स्थान था।
  • कनिंघम ने इसका अभिज्ञान 'डोंडीखेड़ा' नामक स्थान से किया है, जो प्रयाग से 104 मील उत्तर-पश्चिम में है।
  • बील ने कनिंघम के उपर्युक्त अभिज्ञान को नहीं माना है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. रेकाड्र्स ग्राव वेस्टर्न कंट्रीज 1,229

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