अंगार

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अंगार - संज्ञा पुल्लिंग (संस्कृत अङ्गार)[1]

1. दहकता हुआ कोयला, आग का जलता हुआ टुकड़ा, बिना धुएं की आग, निर्धूम अग्नि

उदाहरण

'धवनि धवंती रहि गई बुझि गए अंगार।'[2]

2. स्फुलिंग, चिनगारी।

उदाहरण

'अति अगिनि झार भंभार धुंधार करि उचटि अंगार झंझार छायौ।'[3]

मुहावरा

अंगार उगलना = कड़ी-कड़ी बातें मुंह से निकालना। ऐसी बात बोलना, जिससे सुनने वाले को अत्यंत क्रोध उत्पन्न हो जाए।
अंगार बनना = खा पीकर लाल होना, मोटा ताजा होना, क्रोध में भरना।
अंगार बरसना
1. अत्यंत अधिक गर्मी पड़ना
2. दैवी आपत्ति आना
3. कोयला[4]
4. मंगल
उदाहरण - चर आये ढिल्लिय नगर, दसमि सुदिन अंगार।'[5]
5. लाल रंग[6]
6. हितावली नाम का पौधा।[7]


अंगार - विशेषण
लाल रंग वाला


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिंदी शब्दसागर, प्रथम भाग |लेखक: श्यामसुंदरदास बी. ए. |प्रकाशक: नागरी मुद्रण, वाराणसी |पृष्ठ संख्या: 08 |
  2. कबीर ग्रंथावली, पृ. 57
  3. सूरसागर
  4. अन्य कोश
  5. पृथ्वीराजरासो, 66।1618
  6. अन्य कोश
  7. अन्य कोश

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