अंगविक्षेप  

अंगविक्षेप -संज्ञा पुल्लिंग (संस्कृत अङ्गविक्षेप)[1]

1. अंग हिलाना, चमकाना, मटकाना; बोलते, वक्तृता देते वा गाते समय हाथ, पैर, सिर आदि को हिलाना।
2. नृत्य, नाच।
3. नृत्यकालीन अंग संचालन, कलाबाजी।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिंदी शब्दसागर, प्रथम भाग |लेखक: श्यामसुंदरदास बी. ए. |प्रकाशक: नागरी मुद्रण, वाराणसी |पृष्ठ संख्या: 07 |

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=अंगविक्षेप&oldid=638912" से लिया गया