अंगभाव  

अंगभाव - संज्ञा पुल्लिंग (संस्कृत अंङ्गभाव)[1]

संगीत में नेत्र, भृकुटि और हाथ आदि अंगों से मनोविकार का प्रकाशन। गाने में शरीर की विविध मुद्राओं द्वारा चित्त के उद्योगों की अभिव्यक्ति।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिंदी शब्दसागर, प्रथम भाग |लेखक: श्यामसुंदरदास बी. ए. |प्रकाशक: नागरी मुद्रण, वाराणसी |पृष्ठ संख्या: 06 |

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