अंगदान  

अंगदान - संज्ञा पुल्लिंग (संस्कृत अंङ्ग + दान)[1]

  1. पीठ दिखलाना, युद्ध से भागना, लड़ाई से पीछे फिरना।
  2. तनुदान, अंगसमर्पण, सुरति, रति।[2]

क्रिया प्रयोग - करना

  1. पीठ दिखलाना, भागना, पीछे फिरना।
  2. रति करना, सम्भोग करना।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिंदी शब्दसागर, प्रथम भाग |लेखक: श्यामसुंदरदास बी. ए. |प्रकाशक: नागरी मुद्रण, वाराणसी |पृष्ठ संख्या: 06 |
  2. स्त्रियों के लिये प्रयुक्त

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