ताप्ती नदी  

ताप्ती नदी

ताप्ती नदी को 'तापी नदी' भी कहा जाता है। यह नदी मध्य भारत, दक्षिण मध्य प्रदेश राज्य, दक्कन के पठार में गाविलगढ़ पहाड़ियों से निकलती है। यह नदी पश्चिम की ओर सतपुड़ा श्रेणी के दो पहाड़ों के बीच से होकर महाराष्ट्र राज्य के जलगाँव पठार को पार करके गुजरात राज्य में सूरत के मैदान से होते हुए खंभात की खाड़ी में गिरती है।

पौराणिक उल्लेख

‘तापी पयोष्णीनिर्विध्याप्रमुखा ऋक्षसंभवा:’
‘कृष्णा वेण्या भीमरथी गोदावरी निर्विध्या पयोष्णी तापी रेवा-’।

वास्तव में पयोष्णी, ताप्ती में दक्षिण-पूर्व से आकर मिलती है। ताप्ती नदी सूरत के पास 'खंभात की खाड़ी' (अरब सागर) में गिरती है। महाभारत में ताप्ती या तापी का संभवत: पयोष्णी के रूप में उल्लेख है। इस नदी के तापी, ताप्ती और पयोष्णी (गर्मजल वाली नदी) आदि नाम इसके गर्म जल के पहाड़ी स्त्रोतों के कारण सार्थक जान पड़ते हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. विष्णुपुराण 2, 3, 11.

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