हिमनद  

हिमनद, ग्लेशियर राष्ट्रीय उद्यान, चिली

हिमनद (अंग्रेज़ी: Glacier) बड़े बड़े हिमखंडों को कहते हैं जो अपने ही भार के कारण नीचे की ओर खिसकते रहते हैं। इन्हें हिमानी भी कहते हैं। नदी और हिमनद में इतना अंतर है कि नदी में जल ढलान की ओर बहता है और हिमनद में हिम नीचे की ओर खिसकता है। हिमनद बर्फ़ का एक विशाल संग्रह होता है, जो निम्न भूमि की ओर धीरे-धीरे बढ़ता है। ये तीन तरह के होते हैं- गिरिपद हिमनद, महाद्वीपीय हिमनद तथा घाटी हिमनद।

नदी की तरह से हिमनद भी अपरदन, परिवहन और निक्षेपण का कार्य करते हैं। अपरदन के अंतर्गत यह उत्पादन, अपकर्षण और प्रसर्पण का कार्य करते हैं।

प्रवाहगति

नदी की तुलना में हिमनद की प्रवाहगति बड़ी मंद होती है। यहाँ तक लोगों की धारणा थी कि हिमनद अपने स्थान पर स्थिर रहता है। हिमनद के बीच का भाग पार्श्वभागों (किनारों) की अपेक्षा तथा ऊपर का भाग तली की अपेक्षा अधिक गति से आगे बढ़ता है। हिमनद साधारणत: एक दिन रात में चार पाँच इंच आगे बढ़ता है पर भिन्न भिन्न हिमनदों की गति भिन्न होती है। अलास्का और ग्रीनलैंड के हिमनद 24 घंटे में 12 मीटर से भी अधिक गति से आगे बढ़ते हैं। हिमप्रवाह की गति हिम की मात्रा और उसके विस्तार मार्ग की ढाल एवं ताप पर निर्भर करती है। बड़े हिमनद छोटे हिमनदों की अपेक्षा अधिक तीव्र गति से बहते हैं। हिमनदों का मार्ग जितना अधिक ढालू होगा उतनी ही अधिक उसकी गति होगी। हिमनद का प्रवाह ताप के घटने बढ़ने पर भी निर्भर करता है। ताप अधिक होने पर हिम शीघ्र पिघलता है और हिमनद वेग से आगे बढ़ता है। यही कारण है कि ग्रीष्म ऋतु में हिमनदों की प्रवाहगति बढ़ जाती है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  • हिन्दी विश्वकोश, भाग-12 पृष्ठ 367

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