चूर्णी नदी  

चूर्णी नदी का उल्लेख कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र'[1] में हुआ है। इस नदी के पर वंजि नामक नगर, जो कि कोचीन के सन्निकट है, बसा हुआ था।[2]

  • इस नदी के पास ही केरल की प्राचीन राजधानी स्थित थी।
  • चूर्णी नदी के मुहाने पर 'क्रंगतूर' या रोमन लेखकों का 'मुजीरिस' बसा हुआ था, जिसका प्राचीन नाम 'मरिचीपत्तन' था।
  • इस नदी का अभिज्ञान केरल को पेरियार नदी से किया गया है।[3]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. शामशास्त्री पृ. 75
  2. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 342 |
  3. रायचौधरी, पृ. 273.

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