झिझिया नृत्य  

झिझिया नृत्य बिहार का लोक नृत्य है, जिसका आयोजन दुर्गा पूजा के अवसर पर किया जाता है। पूर्णतः महिलाओं के इस लोक नृत्य में ग्राम की महिलाएँ अपनी सखी-सहेलियों के साथ एक घेरा बनाकर नृत्य करती हैं।

  • नृत्य करने वाली महिलाओं के घेरे के बीच में एक मुख्य नर्तिका सिर पर घड़ा लेकर खड़ी हो जाती है।
  • घडे़ के ऊपर लगे ढक्कन पर एक दीपक जलता रहता है।
  • सभी महिलाएँ राजा चित्रसेन तथा उनकी रानी की कथा-प्रसंगों के आधार पर रचे गए गीतों को गाते हुए नृत्य करती हैं।
  • झिझिया नृत्य में महिलाओं द्वारा एक साथ ताली वादन तथा पग-चालन एवं थिरकने से जो समा बंधता है, वह अत्यंत ही आकषर्क होता है।।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. लोकनृत्य (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 17 दिसम्बर, 2012।

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