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ताड़पत्र (लेखन सामग्री) - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर

ताड़पत्र (लेखन सामग्री)  

लेखन सामग्री विषय सूची
रंजना लिपि में एक ताड़पत्र-हस्तलिपि, नेपाल (1165 ई.)

प्राचीन भारत की लेखन सामग्री में ताड़पत्र लेखन का एक प्रमुख साधन रहा है। ताल या ताड़ वृक्ष दो प्रकार के होते हैं-

  1. खरताड़
  2. श्रीताड़

प्राप्ति स्थान

खरताड़ के वृक्ष राजस्थान, गुजरात और पंजाब में कहीं-कहीं मिल जाते हैं। इनके पत्ते मोटे और कम लम्बे होते हैं। ये सूखकर तड़कने लगते हैं और कच्चे तोड़ लेने पर जल्दी ही सड़ या गल जाते हैं। इसीलिए इनका उपयोग पोथियाँ लिखने में नहीं हुआ है। श्रीताड़ के वृक्ष मालाबार तट, बंगाल, म्यांमार और श्रीलंका में बड़ी तादाद में उगते हैं। इनके पत्ते एक मीटर से कुछ अधिक लम्बे और क़रीब दस सेंटीमीटर चौड़े होते हैं। श्रीताड़ के पत्ते ज़्यादा समय तक टिकते हैं, इसीलिए ग्रन्थ लेखन और चित्रांकन के लिए अधिकतर इन्हीं का उपयोग हुआ है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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