प्राच्य जाति  

प्राच्य जाति से तात्पर्य पूर्व में रहने वाले लोगों से है। ये लोग अर्जुन द्वारा युद्ध में परास्त किये गए थे।

  • पाण्डव सेनापति ने भीम को इनके विरुद्ध महाभारत युद्ध में लड़ने के लिए नियुक्त किया गया था।
  • दुर्योधन के पक्षधर प्राच्य गण हाथी की पीठ पर बैठकर युद्ध कौशल में पारंगत थे।
  • जब वे अर्जुन पर आक्रामक हुए तो उसने इन्हें खदेड़ दिया था।[1]


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