गहपति  

गहपति बौद्ध युगीन समाज व्यवस्था में ब्राह्मण कालीन वैश्य से मिलते-जुलते लोग थे। इनके विषय में एक जगह कहा गया कि वे कलानिष्णात थे, और शिल्प-व्यवसाय द्वारा जीवन निर्वाह करते थे। गहपति प्राय: साधन सम्पन्न व्यक्ति होते थे।

  • गहपति चंद लुहार ने गौतम बुद्ध और उनके अनुयायियों को भोजन कराया था।
  • इसी प्रकार कुम्भकार सद्दलपुत्र पाँच सौ कुम्भकारों की दुकानों का मालिक था।
  • गहपति सद्दलपुत्र के यहाँ असंख्य कुम्भकार काम करते थे।
  • एक सहस्त्र लुहारों के गाँव का प्रधान भी गहपति था, जिसने बोद्धिसत से अपनी कन्या का विवाह किया था।[1]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=गहपति&oldid=241784" से लिया गया