पराशर झील  

पराशर झील
पराशर झील
विवरण 'पराशर झील' हिमाचल प्रदेश के शानदार पर्यटन स्थलों में से एक है। इसके किनारे 'पैगोडा शैली' में निर्मित ऋषि पराशर का तीन मंजिला मंदिर भी है।
राज्य हिमाचल प्रदेश
भौगोलिक स्थिति मंडी से चालीस किलोमीटर दूर उत्तर–पूर्व में नौ हजार फुट की ऊंचाई पर।
संबंधित लेख हिमाचल प्रदेश, पराशर
विशेष झील की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें छोटा-सा द्वीप तैरता रहता है। इस द्वीप को 'टहला' कहते हैं।
अन्य जानकारी झील के निकट ही पराशर ऋषि का मंदिर है। एक अनुमान के अनुसार इस मंदिर का निर्माण तेरहवीं शताब्दी में तत्कालीन मंडी नरेश बाणसेन द्वारा करवाया गया था।

पराशर झील हिमाचल प्रदेश के मंडी नगर से चालीस किलोमीटर दूर उत्तर–पूर्व में नौ हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है। दूर से देखने पर इस झील का आकार एक तालाब की तरह लगता है, लेकिन इस झील की वास्तविक परिधि आधा किलोमीटर से कुछ कम है। झील के चारों ओर ऊंची–ऊंची पहाड़ियाँ देखने में ऐसी प्रतीत होती हैं, मानो प्रकृति ने इस झील की सुरक्षा के लिए इन पहाड़ियों की गोलाकार दीवार खड़ी कर दी है। पराशर झील जनबस्तियों से काफ़ी दूर एकांत में हैं। इसके किनारे 'पैगोडा शैली' में निर्मित ऋषि पराशर का तीन मंजिला मंदिर भी है।

आकर्षण

पराशर झील एक छोटी-सी खूबसूरत झील है, जो पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है। इस झील की एक ख़ास बात है कि इसमें एक 'टहला' रहता है। 'टहला' एक छोटा-सा द्वीप है, जिसकी विशेषता यह है कि यह झील में ही टहलता रहता है, इसीलिये इसे 'टहला' कहते हैं। पराशर झील के आसपास कोई वृक्ष नहीं है। इसके चारों ओर बस हरी-हरी घास ही है, जो दिसम्बर के महीने में पीले रंग की हो जाती है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हर मौसम में बुलाती पराशर (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 30 नवम्बर, 2013।

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