देवेन्द्र झाझरिया  

देवेन्द्र झाझरिया
देवेन्द्र झाझरिया
पूरा नाम देवेन्द्र झाझरिया
जन्म 10 जून, 1981
जन्म भूमि चुरू ज़िला, राजस्थान
कर्म भूमि भारत
खेल-क्षेत्र भाला फेंक
पुरस्कार-उपाधि 'अर्जुन पुरस्कार' (2004), 'पद्मश्री' (2012)
प्रसिद्धि ऐथलीट
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी देवेन्द्र झाझरिया ने 2014 में दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियन पैरा गेम्‍स और 2015 की वर्ल्‍ड चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया था।

देवेन्द्र झाझरिया (अंग्रेज़ी: Devendra Jhajharia, जन्म- 10 जून, 1981, चुरू ज़िला, राजस्थान) भारत के एथलीट हैं। उन्होंने ब्राजील के शहर रियो में आयोजित पैरालम्पिक खेलों (2016) की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। पैरालंपिक में यह उनका दूसरा स्वर्ण पदक है। 12 साल पहले 2004 के एथेंस पैरालंपिक में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया था।

परिचय

देवेन्द्र झाझरिया का जन्म 10 जून, 1981 को राजस्थान के चूरू ज़िले में हुआ था। मात्र आठ साल की उम्र में देवेन्द्र के साथ ऐसा भयानक हादसा हुआ, जिसने उनकी जिंदगी ही बदल दी। वे एक पेड़ पर चढ़ रहे थे कि तभी उनका हाथ बिजली के तार से जा टकराया। 11000 वोल्ट के करंट के कारण पूरा हाथ झुलस गया। तमाम कोशिशों के बावजूद देवेन्द्र का बायां हाथ काटना पड़ा और ये उनके और उनके परिवार के लिए किसी वज्रपात से काम नहीं था। देवेन्द्र का हाथ कटा, लेकिन इसके बाद भी उनके अंदर जीने का जज्बा बना रहा, उनके मनोबल ने उनके घरवालों को हिम्मत दी और देवेन्द्र ने एथलीट की दुनिया में कॅरियर बनाने का फैसला किया।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. देवेंद्र झाझरिया: करंट लगने से काटना पड़ा था हाथ (हिंदी) oneindia.com। अभिगमन तिथि: 14 सितम्बर, 2016।
  2. देवेंद्र झाझरिया ने पैरालिंपिक के जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता (हिंदी) paisa.khabarindiatv.com। अभिगमन तिथि: 14 सितम्बर, 2016।

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