शिन्तो धर्म  

शिन्तो धर्म विश्व के सबसे प्राचीन धर्मों में से एक है। यह जापान का मूल धर्म है तथा इसमें कई देवी-देवता हैं, जिनको 'कामी' कहा जाता है। हर कामी किसी न किसी प्राकृतिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। बौद्ध धर्म के साथ इसका काफ़ी मेल मिलाप हुआ है और इसमें बौद्ध धर्म के कई सिद्धान्त जुड़कर झेन सम्प्रदाय का प्रारंभ हुआ।

जापान का राज धर्म

जापान के शिंतो धर्म की ज्यादातर बातें बौद्ध धर्म से ली गई थीं, फिर भी इस धर्म ने अपनी एक अलग पहचान कायम की थी। इस धर्म की मान्यता थी कि जापान का राज परिवार सूर्य देवी अमातिरासु ओमिकामी से उत्पन्न हुआ है। उक्त देवी शक्ति का वास नदियों, पहाड़ों, चट्टानों, वृक्षों कुछ पशुओं तथा विशेषत: सूर्य और चंद्रमा आदि किसी में भी हो सकता है। इसीलिए कालांतर में प्राकृतिक शक्तियों, महान व्यक्तियों, पूर्वजों तथा सम्राटों की भी उपासना की जाती थी। किंतु बौद्ध धर्म के प्रभाव से सारी रूढि़याँ छूट गई। लेकिन 1868-1912 में शिंतो धर्म ने बौद्ध विचारों से स्वतंत्र होकर अपने धार्मिक मूल्यों की पुन: व्याख्‍या और स्थापना कर इसे जापान का 'राज धर्म' बना दिया गया।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. शिंतो धर्म को जानें (हिंदी) hindi.webdunia.com। अभिगमन तिथि: 06 जुलाई, 2020।

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