नचने की तलाई  

नचने की तलाई बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश में स्थित एक ऐतिहासिक स्थान है। वाकाटक वंश के महाराज पृथ्वीसेन के दो अभिलेख इस स्थान पर गुप्त कालीन ब्राह्मी लिपि में अंकित पाये गए हैं।[1]

  • इस स्थान से प्राप्त पहले अभिलेख में केवल महाराज पृथ्वीसेन का उल्लेख है और दूसरे में इनके सामंत व्याघ्रदेव का।
  • अभिलेखों में व्याघ्रदेव द्वारा किसी मंदिर, कूप या तड़ाग आदि के बनवाए जाने का उल्लेख है, जिसमें अभिलेख का पत्थर जड़ा रहा होगा।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 477 |

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