चांगथंग  

चांगथंग (अंग्रेज़ी: Changthang) पश्चिमी और उत्तरी तिब्बत में स्थित एक ऊँचा पठार है जो कुछ हद तक भारत के लद्दाख़ क्षेत्र के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में भी विस्तृत है। लद्दाख़ से शुरू होकर यह पूर्व में 1600 कि.मी. दूर चिंगहई प्रान्त तक फैला हुआ है। यह इलाक़ा तिब्बती मूल के चांगपा कहलाने वाले ख़ानाबदोशों की मातृभूमि है और भौगोलिक नज़रिए से तिब्बत के पठार का भाग है।

  • चांगथंग क्षेत्र में दूर-दूर तक खुले, शुष्क और ऊँचा मैदानी पठाऔर विशाल झीलें फैली हुई हैं। इसकी औसत ऊँचाई 4500 मीटर और 4900 मीटर के बीच है।
  • अपनी विचित्र भूमि और वातावरण के कारण भारत सरकार और तिब्बत पर नियंत्रण रखने वाली चीनी सरकार दोनों ने अपने क्षेत्रों में चांगथंग पठार के बड़े भागों को आरक्षित घोषित किया है।
  • लद्दाख़ में चांगथंग शीत मरुभूमि आरक्षित क्षेत्र है। *भारत सरकार ने लद्दाख़ में चांगथंग शीत मरुभूमि वन्यजीव आरक्षित क्षेत्र स्थापित किया है। इससे यहाँ किआंग नामक मिलने वाले जंगली तिब्बती गधे को सुरक्षा दी जा रही है।
  • तिब्बत में चांगथंग का अधिकतर भाग 496000 वर्ग कि.मी. बड़े चांगथंग प्राकृतिक आरक्षित क्षेत्र के अन्तर्गत आरक्षित है। तुलना के लिये इस प्राकृतिक उद्यान का क्षेत्रफल भारत के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड राज्यों को मिलाकर बनने वाले भूक्षेत्र से भी बड़ा है।
  • अपनी अत्याधिक ऊँचाई के कारण चांगथंग पठार पर बहुत सर्दी रहती है। बहुत ही कम दिन होते हैं जब तापमान 10 डिग्री सेंटीग्रेड से ज़्यादा होता है और -25 डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान यहाँ अक्सर देखे जाते हैं।
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