शाह मुहम्मद सुलेमान  

शाह मुहम्मद सुलेमान (जन्म- 1886, जौनपुर, उत्तर प्रदेश; मृत्यु- 1941) प्रसिद्ध न्यायविद और गणितज्ञ थे। वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और 1935 में फिडरल कोर्ट के जज बने।

परिचय

प्रसिद्ध न्यायविद और गणितज्ञ डॉक्टर सर शाह मुहम्मद सुलेमान का जन्म 1886 ई. में जौनपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की परीक्षा में सर्वप्रथम आने पर उन्हें इंग्लैंड में अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति मिली। इंग्लैंड से एल.एल.डी. की डिग्री लेकर वे भारत आए और इलाहाबाद में वकालत करने लगे। वहां से प्रगति करते हुए वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और 1935 में फिडरल कोर्ट के जज बने। विधि के क्षेत्र में उनकी प्रतिभा का सब लोग लोहा मानते थे।[1]

गणित और विज्ञान में रुचि

शाह मुहम्मद सुलेमान को गणित और विज्ञान में बहुत रुचि थी। बैरिस्टरी करते हुए और न्यायाधीश के पदों पर रहते हुए भी उन्होंने गणित और विज्ञान से भी निरंतर अपना संबंध रखा। उनके शोध पत्र संसार के प्रमुख विज्ञान पत्रों में प्रकाशित होते रहे। 1941 में 'नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज' के दिल्ली अधिवेशन की उन्होंने अध्यक्षता की। शिक्षा के क्षेत्र से भी उनका संबंध था। अलीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में उन्होंने उर्दू को उच्च परीक्षाओं में स्थान दिलाया। अखिल भारतीय प्रौढ़ शिक्षा सम्मेलन के भी वे सभापति चुने गए थे।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारतीय चरित कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: शिक्षा भारती, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली |पृष्ठ संख्या: 840 |

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