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        जो सफलता का मंच है वह बीसवीं सीढ़ी चढ़ कर मिलेगा और इस मंच पर हम उन्नीस सीढ़ी चढ़ने के बाद भी नहीं पहुँच सकते क्योंकि बीसवीं तो ज़रूरी ही है। अब एक बात यह भी होती है कि उन्नीसवीं सीढ़ी से नीचे देखते हैं तो लगता है कि हमने कितनी सारी सीढ़ियाँ चढ़ ली हैं और न जाने कितनी और भी चढ़नी पड़ेंगी। इसलिए हताश हो जाना स्वाभाविक ही होता है। जबकि हम मात्र एक सीढ़ी नीचे ही होते हैं। ये आख़िरी सीढ़ी कोई भी कभी भी हो सकती है क्योंकि सफलता कभी आती हुई नहीं दिखती सिर्फ़ जाती हुई दिखती है। [[सफलता का शॉर्ट-कट -आदित्य चौधरी|...पूरा पढ़ें]]
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| [[भारतकोश सम्पादकीय -आदित्य चौधरी|पिछले सभी लेख]] →
| [[शहीद मुकुल द्विवेदी के नाम पत्र -आदित्य चौधरी|शहीद मुकुल द्विवेदी के नाम पत्र]]
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* [http://adityachaudhary.com अधिक जानकारी के लिए देखें- adityachaudhary.com]
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<h4>एक पर्यटन स्थल</h4>
<h4>एक पर्यटन स्थल</h4>
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12:28, 22 फ़रवरी 2018 का अवतरण

आज का दिन - 9 जुलाई 2026 (भारतीय समयानुसार)


भारतकोश हलचल

जगन्नाथ रथयात्रा (16 जुलाई) अमावस्या (14 जुलाई) प्रदोष व्रत (12 जुलाई) मासिक शिवरात्रि (12 जुलाई) विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) योगिनी एकादशी (10 जुलाई) शीतला अष्टमी (8 जुलाई) संकष्टी चतुर्थी (3 जुलाई) देवशयनी एकादशी (06 जुलाई) जीएसटी दिवस (1 जुलाई) वन महोत्सव (सप्ताह) (1 जुलाई) भारतीय स्टेट बैंक स्थापना दिवस (1 जुलाई) राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (1 जुलाई) अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस (30 जून) अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस (30 जून) हूल क्रान्ति दिवस (30 जून) सांख्यिकी दिवस (29 जून) ज्येष्ठ पूर्णिमा (29 जून) कबीरदास जयंती (29 जून) प्रदोष व्रत(27 जून) मुहर्रम (26 जून) हिजरी नववर्ष (26 जून) अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस (26 जून) निर्जला एकादशी(25 जून) संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस (23 जून) अन्तरराष्ट्रीय विधवा दिवस (23 जून) महेश नवमी (23 जून) दुर्गाष्टमी (22 जून) दशाश्वमेध घाट स्नान प्रारम्भ (वाराणसी) (21 जून) अंतरराष्ट्रीय योग दिवस(21 जून) पितृ दिवस (21 जून) विश्व संगीत दिवस (21 जून) विश्व शरणार्थी दिवस (20 जून) अरण्य षष्ठी (20 जून) विश्व एथनिक दिवस (19 जून) गोवा क्रान्ति दिवस (18 जून) गणेश चतुर्थी (18 जून) सोमवती अमावस्या (15 जून) मिथुन संक्रांति (15 जून)


जन्म
सरदार बलदेव सिंह (11 जुलाई) सी. शंकरन नायर (11 जुलाई) परवीन सुल्ताना (10 जुलाई) सुनील गावस्कर (10 जुलाई) राजनाथ सिंह (10 जुलाई) सैयद अली (10 जुलाई) असद भोपाली (10 जुलाई) रजनीकांत अरोल (10 जुलाई) चित्रा के. सोमन (10 जुलाई) गुरु दत्त (09 जुलाई) संजीव कुमार (09 जुलाई) के. बालाचंदर (09 जुलाई) सत्य नारायण सिन्हा (09 जुलाई)
मृत्यु
भीष्म साहनी (11 जुलाई) सेकेंड लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे (11 जुलाई) आगा ख़ाँ तृतीय (11 जुलाई) ज़ोहरा सहगल (10 जुलाई) भिखारी ठाकुर (10 जुलाई) सर गंगा राम (10 जुलाई) अहमद नदीम क़ासमी (10 जुलाई) शेरी भोपाली (09 जुलाई) सरदार अंजुम (09 जुलाई)


भारतकोश सम्पादकीय -आदित्य चौधरी

सफलता का शॉर्ट-कट

        जो सफलता का मंच है वह बीसवीं सीढ़ी चढ़ कर मिलेगा और इस मंच पर हम उन्नीस सीढ़ी चढ़ने के बाद भी नहीं पहुँच सकते क्योंकि बीसवीं तो ज़रूरी ही है। अब एक बात यह भी होती है कि उन्नीसवीं सीढ़ी से नीचे देखते हैं तो लगता है कि हमने कितनी सारी सीढ़ियाँ चढ़ ली हैं और न जाने कितनी और भी चढ़नी पड़ेंगी। इसलिए हताश हो जाना स्वाभाविक ही होता है। जबकि हम मात्र एक सीढ़ी नीचे ही होते हैं। ये आख़िरी सीढ़ी कोई भी कभी भी हो सकती है क्योंकि सफलता कभी आती हुई नहीं दिखती सिर्फ़ जाती हुई दिखती है। ...पूरा पढ़ें

पिछले सभी लेख शहीद मुकुल द्विवेदी के नाम पत्र शर्मदार की मौत

एक पर्यटन स्थल

बंगारम द्वीप समूह
बंगारम द्वीप समूह

        लक्षद्वीप भारत के दक्षिण-पश्चिम में हिंद महासागर में स्थित एक भारतीय द्वीप-समूह है। सभी केन्द्रशासित प्रदेशों में लक्षद्वीप सबसे छोटा है। यह भारत की मुख्यभूमि से लगभग 400 किमी दूर पश्चिम दिशा में अरब सागर में अवस्थित है। लक्षद्वीप द्वीप-समूह में कुल 36 द्वीप है परन्तु केवल 7 द्वीपों पर ही जनजीवन है। देशी पयर्टकों को 6 द्वीपों पर जाने की अनुमति है जबकि विदेशी पयर्टकों को केवल 2 द्वीपों (अगाती व बंगाराम) पर जाने की अनुमति है। मुख्य भूमि से दूर इनका प्राकृतिक सौंदर्य, प्रदूषणमुक्त वातावरण, चारों ओर समुद्र और इसकी पारदर्शी सतह पर्यटकों को सम्मोहित कर लेती है। समुद्री जल में तैरती मछलियाँ इन द्वीपों की सुंदरता को और बढ़ा देती हैं। ये द्वीप प्रकृति की एक अद्भुत देन है। यह आश्चर्य की बात है कि यहाँ की धरती का निर्माण मूँगों द्वारा किया गया। उन्होंने ही मानव के रहन-सहन के उपयुक्त बनाया। यह द्वीप पर्यटकों का स्वर्ग है। यहाँ का नैसर्गिक वातावरण देश-विदेश के सैलानियों को बरबस ही अपनी ओर खींच लेता है। ... और पढ़ें

पिछले पर्यटन स्थल चंडीगढ़ लाल क़िला