घग्गर-हकरा नदी  

घग्गर-हकरा नदी भारत-पाकिस्तान में वर्षा ऋतु में चलने वाली एक मौसमी नदी है। इसे हरियाणा के ओटू वीयर बाँध से पहले घग्गर नदी के नाम से और उसके आगे हकरा नदी के नाम से जाना जाता है।

  • कुछ विद्वानों के हिसाब से यह प्राचीननकाल में बहने वाली महान सरस्वती नदी ही का बचा हुआ रूप है। हालांकि इस पर मतभेद है और अन्य विद्वानों के अनुसार ऋग्वेद में कुछ स्थानों पर जिस सरस्वती नदी का ज़िक्र है, वह यह नदी नहीं थी।
  • इसका उद्गम चण्डीगढ़ के निकट हिमाचल प्रदेशहरियाणा की सीमाओं पर शिवालिक पर्वत है।
  • घग्गर मॉनसून की बारिशों के दौरान हिमाचल प्रदेश के शिवालिक पहाड़ों में शिमला के पास से निकलती है हरियाणा के कालका सेे अंबाला और पंजाब से गुज़रती है। यहाँ से यह राजस्थान में दाख़िल होती है, जहाँ एक द्रोणी में यह अपने बहाव में मौसम में तलवारा झील बनाती है।
  • घग्गर नदी के फर्श की चौड़ाई देखकर लगता है कि यह नदी कभी आज से बहुत ज़्यादा बड़ी रही होगी। सम्भव है कि यह लगभग दस हज़ार साल पहले पिछले हिमयुग के ख़त्म होने पर हिमालय की कुछ महान हिमानियाँ पिघलने से हुआ हो। सम्भव है कि उन दिनों में यह आगे तक जाकर कच्छ के रण में ख़ाली होती हो।
  • कुछ विद्वान मानते हैं कि समय के साथ इस नदी में पानी देने वाली उपनदियाँ सिन्धु नदी और यमुना नदी के मंडल में पानी देने लगीं, जिससे घग्गर-हकरा सूखने लगी।
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